Bihar Infrastructure Development: बिहार में विकास की गति तेज होती नजर आ रही है. राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को जानकारी दी कि प्रधानमंत्री गति शक्ति पोर्टल के माध्यम से बिहार की कुल 170 बड़ी परियोजनाओं की सीधी निगरानी की जा रही है. इन परियोजनाओं में कुल निवेश 7.50 लाख करोड़ रुपये का है, जो आने वाले समय में बिहार को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
सम्राट चौधरी ने बताया कि यह निवेश केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है. इसमें रेलवे, बिजली, गैस पाइपलाइन, मोबाइल नेटवर्क, स्वास्थ्य सेवाएं और जलमार्ग जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं. यह व्यापक निवेश राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के साथ-साथ रोजगार और उद्योग के विकास में भी सहायक होगा.
170 परियोजनाओं में से 65 प्रतिशत अंतिम चरण में
उपमुख्यमंत्री ने आगे बताया कि 170 परियोजनाओं में से 60 परियोजनाएं पूरी तरह से तैयार हो चुकी हैं और जनता की सेवा में समर्पित कर दी गई हैं. इन पर लगभग 1.28 लाख करोड़ रुपये का खर्च किया गया है.
बाकी 110 परियोजनाएं, जिनमें लगभग 5.30 लाख करोड़ रुपये का निवेश शामिल है, वर्तमान में अंतिम चरण में हैं. इनमें सड़क के 72 और रेलवे के 38 बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं. इन परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य की कनेक्टिविटी, औद्योगिक विकास और सामाजिक सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार आएगा.
सम्राट चौधरी ने कहा कि यह पहली बार है कि किसी राज्य में इतनी बड़ी परियोजनाओं की निगरानी इतनी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से की जा रही है. उन्होंने बताया कि अब तक राज्य की लगभग 65 प्रतिशत योजनाएं अपने अंतिम चरण में पहुँच चुकी हैं, और जल्दी ही ये सभी जनता के लिए पूरी तरह उपलब्ध होंगी.
भूमि और कानूनी अड़चनों में बिहार ने पेश की मिसाल
बड़ी निर्माण परियोजनाओं में जमीन अधिग्रहण, कानूनी अड़चनें और पर्यावरण से जुड़े मुद्दे अक्सर सबसे बड़ी बाधाएं होती हैं. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि इन 170 परियोजनाओं के रास्ते में कुल 266 बाधाएं आईं, जिनमें से 96 प्रतिशत यानी 255 समस्याओं का समाधान बिहार सरकार ने अपनी सक्रियता और समन्वय के माध्यम से कर लिया है.
सरकार ने भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरियों, कानून-व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को जल्दी और प्रभावी ढंग से हल किया, ताकि विकास कार्य कभी रुके नहीं. अब केवल 11 छोटे-मोटे मुद्दे लंबित हैं, जिन्हें जल्द ही निपटाने का लक्ष्य रखा गया है. सम्राट चौधरी ने इस प्रक्रिया को अत्यंत सफल बताते हुए कहा कि बिहार सरकार ने एक ऐसा मॉडल तैयार किया है जो अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है.
प्रधानमंत्री मोदी के विजन को दिया श्रेय
उपमुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक विकास का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को दिया. उन्होंने कहा कि बिहार अब क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और सामाजिक विकास के मामले में देश का एक बड़ा केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
उन्होंने विरोधी दलों पर भी निशाना साधा और कहा कि पिछली सरकारों के समय में योजनाएं सालों तक लटकी रहती थीं. वर्तमान सरकार समय सीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा करने और जनता के लाभ के लिए कार्य करने पर जोर दे रही है.
सम्राट चौधरी ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री गति शक्ति पोर्टल के माध्यम से न केवल परियोजनाओं की निगरानी हो रही है, बल्कि यह राज्य की समग्र विकास प्रक्रिया में एक पारदर्शिता और जवाबदेही का मॉडल भी पेश कर रहा है.
बिहार का भविष्य, विकास की नई दिशा
इन परियोजनाओं के पूरा होने से बिहार में रोजगार, औद्योगिक निवेश, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी. सड़क, रेलवे, जलमार्ग और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार राज्य के आर्थिक विकास को नई गति देगा.
विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार सरकार की यह समयबद्ध और समन्वित योजना राज्य को आने वाले दशकों में एक आर्थिक और सामाजिक शक्ति के रूप में स्थापित करेगी. प्रधानमंत्री गति शक्ति पोर्टल के माध्यम से प्रोजेक्ट्स की निगरानी ने यह सुनिश्चित किया है कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की अनियमितता न हो और हर परियोजना का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे.
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