बेगूसराय, भारत24 डिजिटल डेस्क: राज्य में बिहार लोक सेवा आयोग (Bihar Public Service Commission) द्वारा चयनित शिक्षकों में कुछ फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति की बात भी सामने आ रही है. इसका खुलासा शिक्षक और शिक्षिकाओं के वेरिफिकेशन के दौरान हो रहा है. बिहार के बेगूसराय जिले के एक विद्यालय में फर्जी तरीके से नियुक्त महिला शिक्षिका को मंगलवार को बायोमीट्रिक जांच के दौरान पकड़ा गया. इसके बाद इस फर्जी शिक्षिका को पुलिस ने गिरफ्तार किया और तेजी से जांच शुरू कर दी गई है.
फर्जी तरीके नियुक्त शिक्षिका का नाम नुमा कुमारी है और वह मुंगेर जिले के बरियारपुर की रहने वाली है. फिलहाल वह भगवानपुर प्रखंड के रघुनंदनपुर प्राथमिक विद्यालय पर योगदान कर पढ़ा रही थी.मिली जानकारी के अनुसार, प्रथम चरण में नियुक्त शिक्षकों के लिए चल रहे जांच के दौरान उसे पकड़ा गया.
हुआ यह कि जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में चल रहे वेरिफिकेशन के दौरान फोटो नहीं मिलने पर संदेह हुआ. फिंगरप्रिंट का भी मिलन नहीं होने पर डीएम को इसकी सूचना दी गई. बायोमेट्रिक जांच के दौरान भी मिलान नहीं हुआ. इसके बाद डीएम के आदेश पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट फरमान दानिश ने बताया कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के आदेश पर बीपीएससी द्वारा प्रथम चरण में नियुक्त शिक्षकों का वेरिफिकेशन चल रहा था. इसी दौरान नुमा कुमारी का फोटो एवं बायोमीट्रिक मिलान नहीं हो सका. इसके बाद डीएम के आदेश पर नुमा कुमारी को नगर थाना के हवाले कर दिया गया तथा आगे की कार्रवाई चल रही है.
रिपोर्ट: हरेराम दास