Bihar Fire: मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में भीषण आग, ICU में भर्ती 10 मरीजों की मौत, कई लोग झुलसे

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में गुरुवार को एक निजी अस्पताल में लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया. ब्रह्मपुरा इलाके में स्थित प्रसाद हॉस्पिटल की पांचवीं मंजिल पर बने आईसीयू वार्ड में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई.

Bihar Massive fire in Muzaffarpur Hospital 10 patients admitted in ICU died
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Muzaffarpur Hospital Fire: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में गुरुवार को एक निजी अस्पताल में लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया. ब्रह्मपुरा इलाके में स्थित प्रसाद हॉस्पिटल की पांचवीं मंजिल पर बने आईसीयू वार्ड में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई. हादसे में 10 मरीजों की जान चली गई है, हालांकि मृतकों की संख्या पर अभी प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, जबकि कई अन्य मरीजों को सुरक्षित निकालकर आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.

ICU वार्ड में अचानक भड़की आग

जानकारी के अनुसार, आग अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू यूनिट में लगी. प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है. देखते ही देखते धुआं पूरे वार्ड में फैल गया, जिससे वहां भर्ती मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया.

आईसीयू में भर्ती मरीजों की स्थिति पहले से गंभीर थी. धुएं के कारण कई मरीजों को सांस लेने में दिक्कत हुई और स्थिति तेजी से बिगड़ गई. हादसे के बाद अस्पताल परिसर में चीख-पुकार और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई.

दमकल और प्रशासन ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं. आधा दर्जन से अधिक दमकल वाहनों की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया. काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और अस्पताल में फंसे मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया.

रेस्क्यू के दौरान कई मरीजों को तत्काल एंबुलेंस के जरिए दूसरे अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया, ताकि उनका उपचार जारी रह सके.

परिजनों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

हादसे के बाद अस्पताल पहुंचे मरीजों के परिजनों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए. उनका आरोप है कि अस्पताल का फायर सेफ्टी सिस्टम प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रहा था. आग लगने के बाद लोगों को समय पर कोई स्पष्ट सूचना या सहायता नहीं मिल सकी, जिसके कारण हालात और बिगड़ गए.

परिजनों का कहना है कि आईसीयू जैसे संवेदनशील वार्ड में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होने चाहिए थे, ताकि मरीजों को इस तरह की आपात स्थिति से बचाया जा सके.

तीन मरीजों की मौत की पुष्टि

अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. हालांकि प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और मृतकों व घायलों की संख्या को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है.

अधिकारियों के अनुसार, आईसीयू में धुएं का स्तर काफी अधिक था, जिससे दम घुटने की स्थिति पैदा हुई. इसी वजह से कुछ मरीजों की जान चली गई.

ICU इंचार्ज भी झुलसे

जिला प्रशासन के अनुसार, आग की घटना में आईसीयू वार्ड के प्रभारी भी झुलस गए हैं. उन्हें उपचार के लिए दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.

क्षमता से अधिक मरीज थे भर्ती

जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि आईसीयू वार्ड में कुल 13 बेड उपलब्ध थे, लेकिन उस समय वहां 15 मरीज भर्ती थे. आग लगने के बाद सभी मरीजों को बाहर निकालने के लिए तत्काल बचाव अभियान चलाया गया. कई मरीजों को आसपास के अस्पतालों में शिफ्ट कर इलाज जारी रखा गया है.

जांच के आदेश

अस्पताल प्रबंधन ने घटना पर दुख जताते हुए कहा है कि वे प्रशासन के साथ पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं. आग लगने के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा रही है. वहीं स्थानीय लोगों ने निजी अस्पतालों में फायर सेफ्टी मानकों के सख्ती से पालन की मांग उठाई है.

इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे मुजफ्फरपुर में शोक और चिंता का माहौल है. प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है.

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