Bihar Lightning Strike: बिहार में बदले मौसम के बीच आकाशीय बिजली ने कई परिवारों को गहरे सदमे में पहुंचा दिया. बांका, लखीसराय, जमुई और नवादा जिलों में अलग-अलग घटनाओं में ठनका गिरने से कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग झुलस गए हैं. मृतकों में बड़ी संख्या महिलाओं और खेतों में काम कर रहे मजदूरों की है. हादसों के बाद गांवों में मातम पसरा है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घटनाओं पर दुख जताते हुए मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का निर्देश दिया है.
बांका में खेतों में काम कर रही महिलाओं पर गिरी बिजली
बांका जिले में ठनका गिरने की अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की जान चली गई. चांदन के बोड़ा-सुईया गांव में धान की रोपनी कर रही कुशामी देवी, रेणु देवी और रिंकू देवी की मौके पर ही मौत हो गई. इसी दौरान खेत में खाना पहुंचाने पहुंचे 10 वर्षीय सौरभ कुमार और 12 वर्षीय रानी कुमारी भी बिजली की चपेट में आकर झुलस गए. बताया गया कि बारिश से बचने के लिए लोग एक ऊंची झाड़ी के नीचे खड़े थे, तभी अचानक आसमानी बिजली गिर गई. बौंसी के सिराय गांव में खेत की ओर जा रहे सुरेश यादव और सुफियाना खातून की भी जान चली गई, जबकि कई महिलाएं झुलस गईं.
लखीसराय में मां-बेटी और रिश्तेदार पर टूटा कहर
लखीसराय के चानन क्षेत्र के बन्नूबगीचा बहियार में धान की रोपनी के दौरान एक ही परिवार के तीन लोग ठनका की चपेट में आ गए. इस हादसे में 17 वर्षीय कोमल कुमारी और उसकी चाची रुदा देवी की मौत हो गई, जबकि कोमल की मां धनवंती देवी झुलस गईं. वहीं संग्रामपुर के शिवडीह गांव की रहने वाली आंगनबाड़ी सहायिका अनुसूईया देवी की भी बहियार में बिजली गिरने से मौत हो गई. खेतों में काम कर रहे लोगों के बीच अचानक हुए इन हादसों ने ग्रामीणों को झकझोर दिया है.
जमुई में सास-बहू पर गिरी बिजली
जमुई जिले के सोनो प्रखंड स्थित गौरवामटिहाना गांव के सुपाड़ बहियार में खेत में काम कर रही सास-बहू भी ठनका की चपेट में आ गईं. बिजली गिरने से 28 वर्षीय पूजा देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं. परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई. उनकी सास कविता देवी भी हादसे में झुलस गईं और उनका इलाज कराया जा रहा है. लगातार बारिश के बीच खेतों में काम करने वाले लोगों के लिए यह घटना बेहद चिंताजनक बन गई है.
नवादा में तीन प्रवासी मजदूरों की मौत
नवादा के रजौली थाना क्षेत्र में भी मंगलवार शाम मौसम अचानक बिगड़ने के बाद बड़ा हादसा हो गया. अमावां पश्चिमी पंचायत के दरियापुर गांव के पास धान की रोपनी कर रहे तीन प्रवासी मजदूर ठनका की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई. मृतकों की पहचान सीतामढ़ी जिले के मधेशरा गांव निवासी राजेंद्र कुमार, इंद्रजीत कुमार और मणी कुमार के रूप में हुई है. ये सभी मजदूरी के लिए रजौली आए थे. घटना में दो से तीन अन्य मजदूरों के भी झुलसने की जानकारी सामने आई है, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.
ठनका से बचाव को लेकर सतर्कता जरूरी
बिहार में एक ही दिन कई जिलों में आकाशीय बिजली से हुई मौतों ने मानसून के दौरान अतिरिक्त सावधानी की जरूरत को फिर सामने ला दिया है. खेतों में काम करने वाले लोगों के लिए अचानक मौसम बदलना बेहद जोखिम भरा हो सकता है. इस तरह की घटनाओं के बीच प्रशासन की ओर से भी लोगों को मौसम खराब होने पर खुले खेतों, ऊंचे पेड़ों और अन्य असुरक्षित स्थानों से दूर रहने की सलाह दी जाती है. लगातार हो रहे हादसों ने कई परिवारों से उनके अपने छीन लिए हैं, वहीं सरकार की ओर से मुआवजे की घोषणा प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत का जरिया बन सकती है.
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