Bihar News: बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ कहा है कि अब जमीन से जुड़े विवादों का समाधान सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इन्हें जमीन स्तर पर खत्म किया जाएगा. उन्होंने कहा कि भूमि विवाद कई अन्य समस्याओं की जड़ होते हैं, इसलिए इन्हें पूरी तरह समाप्त करना जरूरी है.
मुंगेर के प्रेक्षागृह में आयोजित भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने बताया कि यह उनका 10वां जनसंवाद है. अब तक हजारों आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिन पर कार्रवाई जारी है. उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता गरीबों को उनका अधिकार दिलाना और बेघर लोगों को आवास उपलब्ध कराना है, ताकि कोई भी व्यक्ति अपने हक से वंचित न रहे.
भू-माफियाओं पर कड़ा एक्शन
डिप्टी CM ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले भू-माफियाओं को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए विवाद खड़ा करने वालों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए और कानूनी कार्रवाई की जाए.
पारदर्शी होगा भूमि रिकॉर्ड
सरकार भूमि रिकॉर्ड को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है. उनका कहना है कि जब रिकॉर्ड स्पष्ट और डिजिटल होगा, तो भविष्य में विवाद की स्थिति काफी हद तक खत्म हो जाएगी और लोगों को राहत मिलेगी.
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश
राजस्व विभाग में रिश्वतखोरी को लेकर विजय सिन्हा ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बिना डर के शिकायत करें. उन्होंने यह भी कहा कि शिकायत करने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सकारात्मक माहौल बनाया जा सके.
हड़ताल पर जताई नाराजगी
राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की. उनका कहना था कि बढ़ती जन अपेक्षाओं के बीच हड़ताल और तालाबंदी अराजकता को बढ़ावा देती है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो सरकार वैकल्पिक व्यवस्था करने से पीछे नहीं हटेगी, ताकि कामकाज प्रभावित न हो.
जनसंवाद में सुनी गईं समस्याएं
इस कार्यक्रम में नौ प्रखंडों से आए लोगों की समस्याएं सुनी गईं. डिप्टी CM ने मौके पर ही अधिकारियों को कई मामलों में तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जनसंवाद का उद्देश्य सिर्फ शिकायत सुनना नहीं, बल्कि मौके पर ही समाधान देना है.
कागजात जलाने के मामले की जांच
जमालपुर CO कार्यालय के पास 3 अप्रैल को कागजात जलाने की घटना को गंभीरता से लिया गया है. इस मामले की जांच के लिए एडीएम और एसडीओ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है.
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी. यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. सरकार का यह रुख साफ संकेत देता है कि जमीन विवाद और प्रशासनिक गड़बड़ियों पर अब सख्ती से कार्रवाई की जाएगी, ताकि आम लोगों को न्याय मिल सके.
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