जहां मुकेश सहनी के साथ पोखर में कूदे थे राहुल गांधी, वहां जनता ने कांग्रेस के साथ कर दिया खेल

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों ने कई सियासी समीकरणों को बदल दिया है, जिसमें बेगूसराय विधानसभा सीट पर कांग्रेस को करारा झटका लगा. यहां कांग्रेस उम्मीदवार अमिता भूषण को बीजेपी के कुंदन कुमार से करीब 31,000 वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा. 

bihar election 2025 Begusarai Rahul Gandhi jumped into the puddle with Mukesh Sahni
Image Source: ANI/ File

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों ने कई सियासी समीकरणों को बदल दिया है, जिसमें बेगूसराय विधानसभा सीट पर कांग्रेस को करारा झटका लगा. यहां कांग्रेस उम्मीदवार अमिता भूषण को बीजेपी के कुंदन कुमार से करीब 31,000 वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा. 

यह परिणाम तब आया जब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने यहां चुनाव प्रचार के दौरान मछली पकड़ने का अनोखा अंदाज दिखाया था, लेकिन इसके बावजूद पार्टी के लिए बेगूसराय में सीट नहीं बच पाई.

बेगूसराय: राजनीतिक और औद्योगिक हब

बेगूसराय, जिसे बिहार का औद्योगिक और वित्तीय केंद्र माना जाता है, का चुनावी महत्व कभी भी कम नहीं रहा. जिला मुख्यालय और विधान सभा क्षेत्र के भीतर प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठान जैसे बरौनी स्थित थर्मल पावर प्लांट और हिंदुस्तान फर्टिलाइजर एंड केमिकल्स लिमिटेड जैसी कंपनियां यहां स्थित हैं. यह सीट बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है और यहां का चुनावी माहौल हमेशा ही हाई-प्रोफाइल रहा है.

इस चुनाव में बीजेपी ने कुंदन कुमार को उम्मीदवार बनाया, जबकि कांग्रेस ने अमिता भूषण को मैदान में उतारा था. वहीं, जन सुराज पार्टी ने सुरेंद्र कुमार सहाय को अपना प्रत्याशी बनाया था. 6 नवंबर को हुए मतदान में कुल 121 विधानसभा सीटों पर वोट डाले गए, जिसमें बेगूसराय भी शामिल था.

कांग्रेस के लिए बेगूसराय हार का गढ़ बन गया

बेगूसराय के परिणाम ने यह साबित कर दिया कि सिर्फ हाई-प्रोफाइल प्रचार भी जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं है. कांग्रेस उम्मीदवार अमिता भूषण के पास राहुल गांधी का समर्थन था, लेकिन वह बीजेपी के कुंदन कुमार से मुकाबला नहीं कर पाईं. बीजेपी के कुंदन कुमार ने 1,19,000 से ज्यादा वोट प्राप्त किए, जबकि कांग्रेस की अमिता भूषण 88,000 से अधिक वोटों पर सिमट गईं. यह परिणाम कांग्रेस के लिए निराशाजनक था, क्योंकि यहां चुनावी मुकाबला काफी जोरदार था.

बेगूसराय का समृद्ध राजनीतिक इतिहास

बेगूसराय विधानसभा क्षेत्र का राजनीतिक इतिहास भी काफी समृद्ध रहा है. 1970 और 1980 के दशकों में यह सीट CPI का गढ़ मानी जाती थी, और यहां वामपंथी दलों का प्रभाव रहा था. अब तक इस सीट पर कांग्रेस ने आठ बार, बीजेपी ने छह बार, CPI ने तीन बार और एक बार स्वतंत्र उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है. बेगूसराय की राजनीति में औद्योगिक और सामाजिक समीकरणों का प्रभाव हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है, और यहां के परिणाम ने साफ कर दिया कि अब बीजेपी का दबदबा है.

बिहार चुनाव का मतदान और परिणाम

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का मतदान दो चरणों में संपन्न हुआ था. पहला चरण 6 नवंबर को हुआ, जिसमें राज्य के उत्तरी और पूर्वी जिलों की 121 सीटों पर वोट डाले गए थे. दूसरा चरण 11 नवंबर को संपन्न हुआ, जिसमें शेष 122 सीटों पर मतदान हुआ. दोनों चरणों में सुरक्षा व्यवस्था, ईवीएम की विश्वसनीयता और मतदाता सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया था.

इन चुनावी परिणामों के साथ बेगूसराय ने यह साबित कर दिया कि राजनीतिक मुकाबले में सिर्फ प्रचार ही नहीं, बल्कि जमीन पर सटीक रणनीति और सही नेतृत्व की भी जरूरत होती है. बीजेपी ने इस चुनाव में साफ किया कि वे बिहार में सत्ता के नए समीकरण बना चुके हैं.

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