बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले राजद नेता सुनील सिंह के लिए मुश्किलें और बढ़ गई हैं. उनके एक भड़काऊ बयान ने उन्हें विवादों के घेरे में ला खड़ा किया है. बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने इस बयान को गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. दरअसल, सुनील सिंह ने हाल ही में एक बयान में काउंटिंग में गड़बड़ी की संभावना जताते हुए यह दावा किया था कि अगर ऐसा हुआ तो बिहार की सड़कों पर नेपाल-बांग्लादेश जैसा नजारा देखने को मिल सकता है.
सुनील सिंह का विवादित बयान
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले राजद नेता सुनील सिंह ने गुरुवार को कहा कि, "2020 में हमारे कई उम्मीदवारों को जबरन हराया गया. मैंने काउंटिंग प्रक्रिया में शामिल अपने सभी अधिकारियों से अनुरोध किया है कि अगर आप उस व्यक्ति को हराते हैं, जिसे जनता ने अपना जनादेश दिया है, तो वही हाल होगा जैसा नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका की सड़कों पर हुआ था."
"हमें 140-160 सीटें मिल रही हैं"
सुनील सिंह ने यह भी कहा कि, "नेपाल-बांग्लादेश-श्रीलंका जैसा नजारा बिहार की सड़कों पर भी देखने को मिलेगा. आप आम लोगों को सड़कों पर उतरते देखेंगे. हम इसे लेकर पूरी तरह सतर्क हैं और हम आपसे आग्रह करते हैं कि ऐसा कुछ भी न करें जो जनभावना के खिलाफ हो, जिसे जनता स्वीकार नहीं करेगी. हमें 140-160 सीटें मिल रही हैं और तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राज्य में नई सरकार बनेगी."
DGP ने दिया FIR दर्ज करने का आदेश
सुनील सिंह के इसी भड़काऊ वाले बयान को लेकर बिहार के डीजीपी ने उनके खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है. डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि, "यह वोटों की गिनती से पहले यह गैर जिम्मेदाराना बयान है. एफआईआर दर्ज किया जा रहा है. जो मतगणना होना है, वो भी बड़े ही पारदर्शी तरीके से होना है. इससे पहले इस तरह का बयान सही नहीं है. यह एक तरह का भड़काऊ बयान है. काउंटिंग को लेकर पूरी तैयारी है. पर्याप्त संख्या में पुलिस तैनात हैं. चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार, किसी भी राजनीतिक दल द्वारा जीत का जश्न मनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. मतगणना अच्छी तरह संपन्न होगी."
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