सहरसा को स्टेडियम, गया से बैंकॉक उड़ान और कैमूर में पावर प्लांट... पढ़ें बिहार कैबिनेट के अहम फैसले

Bihar Cabinet Meeting Decisions: पटना में आयोजित बिहार कैबिनेट की अहम बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई.

Bihar Cabinet Decisions Gaya Bangkok flight Kaimur Power Plant
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Bihar Cabinet Meeting Decisions: पटना में आयोजित बिहार कैबिनेट की अहम बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इन फैसलों का असर बिहार के खेल ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं, औद्योगिक निवेश, बिजली उत्पादन और अंतरराष्ट्रीय एयर कनेक्टिविटी पर देखने को मिलेगा. सरकार ने इन योजनाओं को राज्य के दीर्घकालिक विकास और रोजगार सृजन से जोड़कर देखा है.

गया से बैंकॉक के बीच शुरू होगी सीधी उड़ान

कैबिनेट के सबसे चर्चित फैसलों में गया से बैंकॉक के बीच सीधी अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट सेवा शुरू करने की मंजूरी शामिल रही. सरकार का मानना है कि इस सेवा से पर्यटन और धार्मिक यात्रा को बड़ा बढ़ावा मिलेगा. खासकर बौद्ध सर्किट से जुड़े विदेशी पर्यटकों के लिए यह सुविधा बेहद अहम मानी जा रही है.

जानकारी के अनुसार, इस रूट पर उड़ान संचालन के लिए एयरलाइन कंपनी को बिहार सरकार आर्थिक सहायता देगी. सिविल एविएशन विभाग के माध्यम से प्रति उड़ान 10 लाख रुपये तक का सहयोग दिया जाएगा. माना जा रहा है कि इंडिगो एयरलाइन जल्द ही इस सेवा की शुरुआत कर सकती है. इससे गया एयरपोर्ट की अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत होगी.

कैमूर में पावर प्लांट को मिला प्रोत्साहन

ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से कैमूर जिले की ईएसई एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना का लाभ देने का फैसला लिया गया. सरकार का कहना है कि इससे राज्य में बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी.

इसके अलावा नालंदा स्थित पटेल वेयरहाउसिंग कंपनी को भी औद्योगिक प्रोत्साहन योजना के दायरे में लाने की मंजूरी दी गई. सरकार का फोकस अब केवल पारंपरिक विकास तक सीमित नहीं बल्कि उद्योग आधारित रोजगार बढ़ाने पर भी दिखाई दे रहा है.

ग्रामीण इलाकों में खेल प्रतिभाओं को मिलेगा मंच

बिहार सरकार ने खेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर भी कई अहम निर्णय लिए हैं. सहरसा जिले के सलखुआ में आउटडोर स्टेडियम निर्माण के लिए 6.61 एकड़ जमीन खेल विभाग को हस्तांतरित की जाएगी. वहीं अरवल में 6.81 एकड़ और औरंगाबाद के देव क्षेत्र में 13.09 एकड़ जमीन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए दी गई है.

सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास और प्रतियोगिता का अवसर मिलेगा. लंबे समय से बुनियादी खेल सुविधाओं की कमी झेल रहे इलाकों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

पंचायत स्तर तक मजबूत होंगी स्वास्थ्य सेवाएं

बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया. 15वें वित्त आयोग के तहत पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए 747 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी करने को मंजूरी दी गई है.

सरकार का उद्देश्य गांवों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है ताकि प्राथमिक इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लोगों को शहरों पर निर्भर न रहना पड़े. इस राशि का उपयोग स्वास्थ्य केंद्रों के विकास, संसाधनों की उपलब्धता और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा.

डोभी जलाशय परियोजना से किसानों को उम्मीद

गया जिले के डोभी क्षेत्र में जलाशय निर्माण और अन्य विकास कार्यों के लिए 428 करोड़ रुपये से अधिक की योजना को भी स्वीकृति मिली. सरकार का मानना है कि यह परियोजना जल संरक्षण और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करेगी. इस योजना से किसानों को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है. जल संकट और सिंचाई की समस्या से जूझ रहे क्षेत्रों में यह परियोजना खेती को स्थिरता देने में मददगार साबित हो सकती है.

‘यंग प्रोफेशनल नीति-2026’ को मिली मंजूरी

प्रशासनिक और तकनीकी सेवाओं में दक्षता बढ़ाने के लिए बिहार सरकार ने “यंग प्रोफेशनल नीति-2026” लागू करने का फैसला किया है. इसके तहत विभिन्न विभागों में युवा पेशेवरों की नियुक्ति की जाएगी.

इसके साथ ही विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में 53 नए पदों के सृजन और कई पुराने पदों के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी गई. सरकार का कहना है कि इससे विभागीय कार्यप्रणाली आधुनिक और अधिक प्रभावी बनेगी.

सीमा सुरक्षा और STF को मिलेगा अतिरिक्त बल

राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने कई अहम कदम उठाए हैं. सीमा क्षेत्रों में निगरानी और खुफिया तंत्र को बेहतर बनाने के लिए IG बॉर्डर का नया पद सृजित किया जाएगा. इसके अलावा STF में 50 अनुभवी पुलिसकर्मियों को लंबी अवधि की प्रतिनियुक्ति पर रखने की मंजूरी भी दी गई है. सरकार का दावा है कि इससे उग्रवाद, संगठित अपराध और सीमा पार गतिविधियों पर नियंत्रण मजबूत होगा.

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