Bihar Cabinet Decisions: बिहार में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी कैबिनेट की पहली बैठक की. इस बैठक में सरकार ने राज्य के विकास के लिए कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए. विशेष रूप से, उद्योग, रोजगार और तकनीकी क्षेत्र में सुधार और विस्तार के लिए कई अहम योजनाओं पर चर्चा हुई. बैठक के बाद मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बताया कि इस बैठक का मुख्य फोकस राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन पर था.
बिहार को बनेगा पूर्वी भारत का सबसे बड़ा टेक हब
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि बिहार को अगले पांच वर्षों में पूर्वी भारत का सबसे बड़ा टेक हब बनाने की दिशा में काम किया जाएगा. इसके लिए राज्य सरकार ने एक नई नीति तैयार की है, जो न केवल तकनीकी रोजगार सृजन को बढ़ावा देगी बल्कि निवेश आकर्षित करने के लिए भी एक सशक्त माहौल तैयार करेगी. मुख्य सचिव ने कहा कि इस दिशा में एक उच्चस्तरीय कमिटी का गठन किया जाएगा, जो छह महीने में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी. इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार औद्योगिक और निवेश संबंधी बड़े फैसले लेगी.
AI से बिहार बनेगा तकनीकी अग्रणी
बिहार में तकनीकी रोजगार के क्षेत्र में विस्तार के लिए "बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन" की स्थापना की गई है. इस मिशन के तहत राज्य सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अग्रणी बनने की योजना बनाई है. AI आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने और युवाओं को इस क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के लिए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इससे न केवल बिहार का तकनीकी विकास होगा, बल्कि राज्य के युवाओं के लिए नए रोजगार के द्वार भी खुलेंगे.
11 शहरों में सैटेलाइट और ग्रीनफील्ड टाउनशिप
नगरीय विकास के क्षेत्र में भी बिहार सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. राज्य में 11 नए सैटेलाइट टाउनशिप और ग्रीनफील्ड टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है. इनमें पटना, सोनपुर, और सीतामढ़ी जैसे प्रमुख शहरों के साथ-साथ अन्य प्रमंडल मुख्यालयों को भी शामिल किया गया है. इन नए टाउनशिप का उद्देश्य आधुनिक शहरी ढांचा तैयार करना, निवेश आकर्षित करना और नए रोजगार अवसर पैदा करना है. इस कदम से बिहार में शहरी विकास को गति मिलने की संभावना है.
बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करने का निर्णय
बिहार सरकार ने उद्योगों से जुड़ी एक और बड़ी पहल की घोषणा की है. राज्य में बंद पड़ी 9 सरकारी चीनी मिलों को फिर से चालू करने का निर्णय लिया गया है. इसके साथ ही, सरकार ने कुल 25 चीनी मिलों को फिर से चलाने की योजना बनाई है. इस कदम का उद्देश्य न केवल उद्योग और कृषि आधारित रोजगार बढ़ाना है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देना है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे.
विधानसभा का शीतकालीन सत्र
बिहार सरकार ने विधानसभा का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 5 दिसंबर तक आयोजित करने का निर्णय लिया है. इस सत्र के पहले दिन नव-निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी. सत्र में मुख्य रूप से राज्य के विकास और सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों पर चर्चा की जाएगी.
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