Bihar Monsoon Session: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार का दिन विधायी दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहा. सदन ने शिक्षा, कानून-व्यवस्था, नगर विकास, पंचायत व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कुल 13 महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कर दिया. इन प्रस्तावों के जरिए सरकार ने उच्च शिक्षा को मजबूत बनाने, संगठित अपराध पर सख्ती करने, स्टांप शुल्क चोरी रोकने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कई बड़े कदम उठाए हैं.
विधेयकों पर चर्चा के बाद विपक्ष के प्रस्ताव खारिज
सदन में विभिन्न विधेयकों पर विस्तार से चर्चा हुई. इस दौरान राष्ट्रीय जनता दल (राजद) विधायक राहुल शर्मा द्वारा कुछ विधेयकों को प्रवर समिति के पास भेजने का प्रस्ताव रखा गया, जबकि एआईएमआईएम विधायक अख्तरुल ईमान ने संशोधन प्रस्ताव पेश किए. हालांकि बहुमत के आधार पर दोनों प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया गया और सरकार के सभी विधेयक पारित हो गए.
बिहार में ही मिले बेहतर उच्च शिक्षा का माहौल
निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य बिहार को उच्च शिक्षा का मजबूत केंद्र बनाना है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े. उन्होंने कहा कि वर्तमान में बड़ी संख्या में छात्र स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से राज्य से बाहर पढ़ाई कर रहे हैं, जिससे हर साल हजारों करोड़ रुपये बिहार से बाहर चले जाते हैं. सरकार चाहती है कि गुणवत्तापूर्ण निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से छात्रों को राज्य में ही बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध हों.
निजी विश्वविद्यालयों को मिलेगी अस्थायी संचालन की अनुमति
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत यदि कोई प्रायोजक संस्था भवन, आधारभूत ढांचा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का लिखित आश्वासन देती है, तो उसे एक शैक्षणिक सत्र के लिए अस्थायी संचालन की अनुमति दी जा सकेगी. हालांकि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक शर्तें पूरी नहीं करने पर यह अनुमति स्वतः समाप्त हो जाएगी. सरकार का कहना है कि इससे गुणवत्तापूर्ण संस्थानों को बढ़ावा मिलेगा और शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी.
संगठित अपराध और पेपर लीक पर होगी सख्त कार्रवाई
विधानसभा ने बिहार अपराध नियंत्रण (संशोधन) विधेयक 2026 को भी मंजूरी दे दी है. अब इस कानून के दायरे में संगठित अपराध, भूमि माफिया, पेपर लीक गिरोह, विस्फोटक पदार्थों से जुड़े अपराध, सरकारी संपत्ति को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने और वन संपदा की तस्करी जैसे गंभीर अपराध भी शामिल होंगे. उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा, गाली-गलौज या किसी व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करने वालों पर भी इस कानून के तहत छह महीने से एक वर्ष तक की सजा का प्रावधान किया गया है.
स्टांप शुल्क चोरी करने वालों पर बढ़ेगी सख्ती
भारतीय स्टांप (बिहार संशोधन) विधेयक के तहत अब संपत्ति का वास्तविक मूल्य छिपाकर कम स्टांप शुल्क देने वालों पर बकाया राशि के बराबर आर्थिक दंड लगाया जाएगा. मंत्री मदन सहनी ने सदन को बताया कि निबंधन अधिकारियों को संपत्ति के बाजार मूल्य की जांच करने का अधिकार दिया गया है. यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. सरकार का मानना है कि इससे राजस्व की चोरी पर प्रभावी रोक लगेगी.
कई अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों को भी मिली मंजूरी
इन प्रमुख विधेयकों के अलावा सदन ने शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं असैनिक अभियंत्रण विद्यालय विधेयक, बिहार अभियंत्रण (संशोधन) विश्वविद्यालय विधेयक, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं कंप्यूटर विज्ञान विद्यालय विधेयक, बिहार कारा सुधारात्मक सेवा विधेयक, बिहार दुकान एवं प्रतिष्ठान (रोजगार और सेवा शर्त) निरसन विधेयक, निबंधन (बिहार संशोधन) विधेयक, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, बिहार राज्य पंचायत (संशोधन) विधेयक और बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय विधेयक को भी पारित कर दिया. इन विधेयकों के जरिए सरकार का लक्ष्य शिक्षा, प्रशासन, न्याय व्यवस्था, स्थानीय निकायों और कारोबारी माहौल में व्यापक सुधार लाना है.
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