Samrat Choudhary Cabinet: राज्य सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं के लिए बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक केंद्र सरकार से मिलने वाली 51,923 करोड़ रुपये की राशि के वितरण, उपयोग और खर्च को मंजूरी दे दी है.
यह राशि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद को दी जाएगी. सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेजी मिलेगी.
कैबिनेट बैठक में 29 प्रस्तावों को मंजूरी
यह फैसला मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया. बैठक में कुल 29 प्रस्तावों को मंजूरी मिली. बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि यह राशि अगले पांच वित्तीय वर्षों में केंद्र सरकार से मिलेगी. सरकार ने इसके वितरण और उपयोग की पूरी योजना भी मंजूर कर दी है, ताकि सभी पंचायत स्तर पर विकास कार्य सही तरीके से किए जा सकें.
इन कामों पर खर्च होगी राशि
सरकार के अनुसार इस फंड का इस्तेमाल ग्रामीण इलाकों में कई जरूरी कामों के लिए किया जाएगा, जैसे:
अच्छा काम करने वाली पंचायतों को मिलेगा फायदा
सरकार ने यह भी कहा है कि जो पंचायतें बेहतर काम करेंगी, उन्हें निष्पादन अनुदान (Performance Grant) भी दिया जाएगा. इससे पंचायतों में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर काम करने की भावना को बढ़ावा मिलेगा. सरकार का कहना है कि इस फैसले से पंचायती राज संस्थाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी और गांवों में विकास योजनाओं को तेजी से लागू करने में मदद मिलेगी.
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