आरा से ISI मॉड्यूल का बड़ा खुलासा, लुधियाना पुलिस ने इस गांव से एक युवक को किया गिरफ्तार

Arrah ISI Module: बिहार के भोजपुर जिले के आरा इलाके में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक संदिग्ध मॉड्यूल का बड़ा खुलासा हुआ है. लुधियाना पुलिस ने बिहिया थाना क्षेत्र के एक गांव से एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिसे विदेशी हैंडलर्स की ओर से प्रशिक्षित “ग्रेनेड ऑपरेटिव” बताया जा रहा है.

Big revelation of ISI module from Arrah Ludhiana Police arrested a youth from this village
Image Source: ANI/ File

Arrah ISI Module: बिहार के भोजपुर जिले के आरा इलाके में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक संदिग्ध मॉड्यूल का बड़ा खुलासा हुआ है. लुधियाना पुलिस ने बिहिया थाना क्षेत्र के एक गांव से एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिसे विदेशी हैंडलर्स की ओर से प्रशिक्षित “ग्रेनेड ऑपरेटिव” बताया जा रहा है. इस गिरफ्तारी के बाद स्थानीय क्षेत्र में दहशत और उत्सुकता दोनों बढ़ी हैं, क्योंकि मामला सीधे अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से जुड़ा हुआ माना जा रहा है.

पुलिस सूत्रों के अनुसार, 19 नवंबर की शाम पंजाब पुलिस की एक टीम आरा पहुंची और रातभर की निगरानी के बाद 20 नवंबर की सुबह युवक के घर पर छापेमारी की गई. बताया जाता है कि यह कार्रवाई एक सक्रिय टेरर सेल की चल रही जांच का हिस्सा है, जिसमें अब तक पांच लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं.

जांच में पता चला है कि गिरफ्तार युवक को विदेशी हैंडलर्स ने राजस्थान, राजस्थान, पंजाब और बिहार में “टारगेट असाइनमेंट” दिए थे. उसके पास सरकारी दफ्तरों, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक इलाकों में ग्रेनेड अटैक करने की ट्रेनिंग थी. पुलिस को शक है कि वह किसी बड़े हमले की योजना का हिस्सा हो सकता था.

एथलीट पिता, मेधावी बहन और बीच में बिखरता जीवन

गांव के लोगों के अनुसार, युवक के माता-पिता दोनों का देहांत पहले ही हो चुका है. पिता एथलेटिक्स से जुड़े थे, जबकि उसकी बहन इस वर्ष इंटर परीक्षा की जिला टॉपर रही है. रिश्तेदारों का कहना है कि मां-बाप की मृत्यु के बाद से युवक के व्यवहार में नकारात्मक बदलाव आने लगा था. परिजनों के मुताबिक, वह अक्सर गुस्से में रहता था और कई बार बिना वजह विवाद में उलझ जाता था. धीरे-धीरे उसका स्थानीय झगड़ों से अपराध की ओर झुकाव बढ़ता गया.

उसके बड़े पापा अवधेश ओझा बताते हैं कि परिवार ने बार-बार समझाने की कोशिश की, लेकिन उसने गलत रास्ता चुन लिया. यहां तक कि परिवार ने अदालत में आवेदन देकर उससे कानूनी रूप से संबंध तोड़ दिए थे. बताया गया कि वह जमीन और मां की गहनों की मांग को लेकर घर में लगातार तनाव पैदा करता रहता था.

दिल्ली में अपराधियों से जुड़ाव, हथियार सप्लाई गिरोह का हिस्सा

गांव में हुए एक विवाद के बाद वह दिल्ली चला गया, जहां वह स्थानीय अपराधियों के संपर्क में आया और अवैध हथियारों की सप्लाई करने लगा. हथियार लिए उसकी एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसके बाद दिल्ली साइबर सेल ने उसे हिरासत में लिया और तिहाड़ स्थित बाल सुधार गृह भेजा. बाद में उसे आरा के बाल सुधार गृह में शिफ्ट किया गया, जहां से वह फरार भी हुआ. 

कुछ समय बाद दोबारा पकड़ा गया, और रिश्तेदारों की पैरवी पर फिर रिहा हुआ. रिहाई के बाद भी उसने दिल्ली के हथियार सप्लाई ग्रुप से संबंध तोड़े नहीं. पुलिस को आशंका है कि इसी गिरोह के माध्यम से उसका संपर्क ISI के विदेशी हैंडलर्स से जुड़ा, जिन्होंने उसे भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार किया.

परिवार चिंतित, इलाके में दहशत

गिरफ्तारी के बाद युवक के परिजन खुद भी डरे हुए हैं. उनका कहना है कि उन्हें नहीं पता कि वह किन गतिविधियों में शामिल था, लेकिन उन्हें इस बात की चिंता है कि उसकी हरकतों का असर अब उनके परिवार की सुरक्षा पर भी पड़ सकता है.

गांव में भी इस घटना के बाद खलबली मच गई है. एक साधारण परिवार और पढ़ाई में अव्वल रही बहन के बीच ऐसा चरम विरोधाभास लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.

पुलिस की जांच में और खुलासों की संभावना

लुधियाना पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियां इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही हैं. प्राथमिक जांच में कई ऐसे संकेत मिले हैं जो यह बताते हैं कि युवक किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था, जिसकी गतिविधियां कई राज्यों में फैली हो सकती हैं.

अब एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि उसने किन लोगों से संपर्क रखा, कौन-से विदेशी हैंडलर उसे निर्देश दे रहे थे, और किस तरह की आतंकी साजिश को अंजाम देने की तैयारी चल रही थी. 29 नवंबर तक उससे जुड़े इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल चैट का विश्लेषण जारी रहने की संभावना है.

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