Dhar Bhojshala: भोजशाला विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, मुस्लिम पक्ष ने हाई कोर्ट के फैसले को दी चुनौती

मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. मुस्लिम पक्ष ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें विवादित भोजशाला परिसर को देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर बताया गया था.

Bhojshala Muslim side challenges High Court decision in Supreme Court
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Dhar Bhojshala: मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. मुस्लिम पक्ष ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें विवादित भोजशाला परिसर को देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर बताया गया था. इस मामले को लेकर प्रदेश में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है और दोनों पक्षों की नजर अब सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हुई है.

भोजशाला को लेकर लंबे समय से हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच विवाद चलता आ रहा है. हिंदू पक्ष इस स्थल को मां सरस्वती का प्राचीन मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम समुदाय इसे कमाल मौला मस्जिद के रूप में देखता है. फिलहाल इस ऐतिहासिक परिसर की देखरेख भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के हाथों में है.

मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

मस्जिद के कार्यवाहक काजी मोइनुद्दीन की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर हाई कोर्ट के 15 मई के फैसले को चुनौती दी गई है. अपील में कहा गया है कि हाई कोर्ट के आदेश से मुस्लिम समुदाय के धार्मिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं. अब इस पूरे मामले पर अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा.

हाई कोर्ट ने क्या कहा था?

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने अपने फैसले में कहा था कि धार स्थित भोजशाला परिसर मूल रूप से देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर है. अदालत ने केंद्र सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को परिसर के प्रशासन और प्रबंधन को लेकर निर्णय लेने की छूट भी दी थी.

इसके साथ ही हाई कोर्ट ने एएसआई के 7 अप्रैल 2003 के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसके तहत मुस्लिम समुदाय को हर शुक्रवार भोजशाला परिसर में नमाज अदा करने की अनुमति दी गई थी. अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा कि मुस्लिम पक्ष मस्जिद निर्माण के लिए जिले में किसी अन्य स्थान पर जमीन आवंटित कराने के लिए राज्य सरकार से संपर्क कर सकता है.

हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की कैविएट

हाई कोर्ट के फैसले के बाद हिंदू पक्ष भी सक्रिय हो गया है. मामले में याचिकाकर्ता रहे जितेंद्र सिंह विशेन ने 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर की है. इस कैविएट के जरिए उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि यदि हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ कोई अपील आती है, तो बिना हिंदू पक्ष को सुने कोई आदेश पारित न किया जाए.

विशेन ने अपनी याचिका में कहा कि मामले में उनका पक्ष सुने बिना किसी तरह का फैसला नहीं दिया जाना चाहिए. कानूनी भाषा में कैविएट एक तरह की पूर्व सूचना होती है, जिसके जरिए अदालत को पहले से सूचित किया जाता है कि संबंधित पक्ष को सुने बिना कोई आदेश जारी न किया जाए.

धार में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

भोजशाला विवाद को देखते हुए धार जिले में सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त कर दी गई है. हाई कोर्ट के फैसले के बाद यह पहला शुक्रवार होने के कारण प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया. परिसर और उसके आसपास करीब 1500 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है.

इसके अलावा पूरे इलाके पर नजर रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है. प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए लगातार निगरानी बनाए हुए है.

हिंदू संगठनों ने किया विशेष कार्यक्रम का ऐलान

हाई कोर्ट के फैसले के बाद हिंदू संगठनों में उत्साह देखा जा रहा है. शुक्रवार को भोजशाला परिसर में बड़े स्तर पर पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की गई है. जानकारी के अनुसार, विभिन्न हिंदू संगठन दोपहर एक बजे अखंड ज्योति मंदिर में एकत्रित होंगे, जिसके बाद सामूहिक धार्मिक आयोजन शुरू किया जाएगा.

दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक मां वाग्देवी की विशेष पूजा-अर्चना का कार्यक्रम रखा गया है. साथ ही भोजशाला आंदोलन से जुड़े उन लोगों को सम्मानित करने की भी तैयारी है, जो आंदोलन के दौरान घायल हुए, जेल गए या जिनकी मृत्यु हुई.

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