मयूर विहार से AIIMS तक नो सिग्नल, महज 20 मिनट में पूरा होगा सफर, आज बारापूला फेज-3 कॉरिडोर का उद्घाटन

दिल्लीवालों का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है. राजधानी को आज बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर की सौगात मिलने वाली है.

Barapullah Phase-3 corridor inaugurated today from Mayur Vihar to AIIMS
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नई दिल्ली: दिल्लीवालों का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है. राजधानी को आज बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर की सौगात मिलने वाली है. दिल्ली के व्यस्त रूट में शामिल इस कॉरिडोर से सफर का समय काफी कम होगा. करीब 40 मिनट का सफर अब सिर्फ 15 मिनट में पूरा किया जा सकेगा. खास बात यह है कि इस पूरे कॉरिडोर पर कोई रेड लाइट नहीं होगी, यानी वाहन बिना रुके आगे बढ़ सकेंगे.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे. इसके साथ ही वह मुकरबा चौक अंडरपास का भी उद्घाटन करेंगे. कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश वर्मा समेत दिल्ली सरकार के कई मंत्री मौजूद रहेंगे.

इस कॉरिडोर का सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा, जिन्हें ब्लू लाइन से येलो लाइन की तरफ जाना होता है. मयूर विहार से एम्स तक का सफर अब करीब 15 मिनट में पूरा किया जा सकेगा. आइए जानते हैं बारापुला फेज-3 में क्या खास है.

कोई रेड लाइट नहीं, सिग्नल फ्री होगा रास्ता

बारापुला फेज-3 की सबसे बड़ी खासियत इसका सिग्नल फ्री होना है. कॉरिडोर पर एक भी रेड लाइट नहीं होगी. एक बार एलिवेटेड रोड पर पहुंचने के बाद वाहन बिना बार-बार रुकावट के आगे बढ़ सकेंगे. इससे ट्रैफिक जाम और सिग्नल पर रुकने में लगने वाला समय भी कम होगा.

करीब 5 किलोमीटर का एलिवेटेड कॉरिडोर

बारापुला फेज-3 को सराय काले खां से मयूर विहार फेज-1 तक बनाया गया है. मुख्य एलिवेटेड कॉरिडोर करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबा है. रैंप और लूप को जोड़ने पर इसकी कुल लंबाई करीब पांच किलोमीटर हो जाती है. वहीं, मौजूदा बारापुला कॉरिडोर से जुड़ने के बाद करीब नौ किलोमीटर का रास्ता सिग्नल फ्री हो जाएगा.

40 मिनट का सफर अब 15 मिनट में

इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद मयूर विहार से एम्स तक का रास्ता सिग्नल फ्री हो जाएगा. खासकर पीक आवर में इसका बड़ा फायदा मिलेगा. अभी जहां इस सफर में करीब 40 मिनट लगते हैं, वहीं अब इसे करीब 15 मिनट में पूरा किया जा सकेगा. इससे रोजाना सफर करने वाले लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है.

2015 में शुरू हुआ था काम, 1635 करोड़ की लागत

बारापुला फेज-3 प्रोजेक्ट की शुरुआत 2015 में हुई थी और इसे 2017 तक पूरा किया जाना था. हालांकि कई वजहों से प्रोजेक्ट में करीब नौ से 11 साल की देरी हुई. कोविड महामारी के दौरान काम प्रभावित हुआ. इसके अलावा फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की अनुमति और आर्बिट्रेशन से जुड़ी अड़चनों के कारण भी प्रोजेक्ट में देरी हुई. इस कॉरिडोर को तैयार करने में करीब 1,635 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं.

दिल्ली को आज मिलेंगी चार विकास परियोजनाएं

गृह मंत्री अमित शाह आज दिल्ली के लिए कुल 1,941 करोड़ रुपये की चार विकास परियोजनाएं समर्पित करेंगे. इनमें बारापुला फेज-3 और मुकरबा चौक अंडरपास के अलावा दो नए फ्लाईओवर से जुड़ी परियोजनाएं और लोनी अंडरपास का शिलान्यास भी शामिल है.