बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी केस में बड़ा एक्शन, हिरासत में मंदिर समिति अध्यक्ष का निजी सचिव, SIT ने की जांच तेज

बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित गड़बड़ी की जांच कर रही एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंदिर समिति अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को देहरादून से हिरासत में लिया है.

Badrinath donation theft case Temple committee chairman personal secretary detained
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उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की राशि में कथित अनियमितताओं के मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है. विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अब इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मंदिर समिति के अध्यक्ष के निजी सचिव बताए जा रहे प्रमोद नौटियाल को हिरासत में लिया है. इस कार्रवाई के बाद जांच का दायरा और व्यापक होता नजर आ रहा है.

देहरादून से हिरासत में लेकर चमोली पहुंची एसआईटी

जानकारी के अनुसार, एसआईटी ने रविवार शाम देहरादून से प्रमोद नौटियाल को हिरासत में लिया. इसके बाद जांच टीम उन्हें अपने साथ लेकर चमोली जिले के लिए रवाना हुई और आगे की पूछताछ के लिए बद्रीनाथ पहुंच गई. बताया जा रहा है कि प्रमोद नौटियाल मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. ऐसे में जांच एजेंसियां अब उनकी भूमिका को विस्तार से खंगाल रही हैं.

दान और चढ़ावे की व्यवस्था संभाल रहे थे प्रमोद नौटियाल

जानकारी के मुताबिक, प्रमोद नौटियाल बद्रीनाथ धाम में प्राप्त होने वाले दान और चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़े अधिकारी के रूप में कार्यरत थे. आरोप है कि इसी व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों के संकेत मिलने के बाद जांच एजेंसियों ने उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की. इस पूरे मामले का खुलासा 2 जुलाई को हुआ था, जिसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एसआईटी जांच के आदेश दिए थे.

मंदिर समिति के अन्य पदाधिकारियों पर भी बढ़ सकती है कार्रवाई

प्रमोद नौटियाल की हिरासत के बाद मंदिर समिति से जुड़े अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है. सूत्रों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आने वाले दिनों में कुछ और लोगों से पूछताछ या हिरासत की कार्रवाई हो सकती है. एसआईटी फिलहाल पूरे वित्तीय रिकॉर्ड और संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारियों का मिलान कर रही है.

तीन साल का रिकॉर्ड खंगाल रही जांच एजेंसी

जांच को आगे बढ़ाने के लिए एसआईटी ने मंदिर समिति से पिछले तीन वर्षों के दान, चढ़ावा और उसकी गिनती से जुड़े सभी रिकॉर्ड मांगे हैं. समिति की ओर से कई दस्तावेज जांच एजेंसी को उपलब्ध कराए जा चुके हैं. इसके साथ ही एसआईटी मंदिर समिति के आय-व्यय से जुड़े वित्तीय दस्तावेजों और लेखा-जोखा की भी गहन जांच कर रही है, ताकि किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की पुष्टि की जा सके.

गबन की शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई

मामले की शुरुआत तब हुई जब मंदिर प्रशासन से जुड़े अधिकारी युद्धवीर पुष्पवाण ने प्रमोद नौटियाल के खिलाफ कथित गबन की शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई और अब एसआईटी इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है.

जांच के नतीजों पर टिकी निगाहें

बद्रीनाथ धाम देश के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है. ऐसे में चढ़ावे की राशि में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और प्रशासन दोनों की नजर जांच पर टिकी हुई है. एसआईटी की आगे की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट से ही यह स्पष्ट होगा कि कथित गड़बड़ियों में किन-किन लोगों की भूमिका रही और आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे.

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