बेंगलुरु की सड़कें हमेशा से अपनी भीड़ और लंबे जाम के लिए सुर्खियों में रहती हैं, लेकिन इस बार ट्रैफिक की समस्या पर मजाकिया तंज कसने वाले कोई आम नागरिक नहीं, बल्कि एक भारतीय एस्ट्रोनॉट थे. कर्नाटक की राजधानी में आयोजित बेंगलुरु टेक समिट 2025 में पहुंचने के बाद एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला ने ऐसा मजेदार बयान दिया कि पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा. उनकी टिप्पणी ने न सिर्फ कार्यक्रम का माहौल हल्का कर दिया, बल्कि शहर की पुरानी ट्रैफिक समस्या को फिर एक बार चर्चा में ला दिया.
“सेशन से ज्यादा समय तो आने में लग गया”—शुभांशु शुक्ला का चुटकुला
शुभांशु शुक्ला ने अपने सेशन की शुरुआत बेंगलुरु ट्रैफिक पर एक मजाकिया टिप्पणी से की. वह मारतहल्ली इलाके से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे, और मंच पर आते ही कहा कि यहां तक आने में उन्हें उनके पूरे प्रेज़ेंटेशन से तीन गुना ज्यादा समय लग गया. उनकी यह बात सुनते ही दर्शक हंस पड़े.उन्होंने मजाकिया अंदाज में आगे कहा, “मैं इतना समय और मेहनत लगाकर यहां पहुंचा हूं, इसलिए आप समझ सकते हैं कि यह सेशन कितनी मेहनत से तैयार किया गया है.” इस हल्के-फुल्के अंदाज ने कार्यक्रम की शुरुआत को यादगार बना दिया.
IT मंत्री प्रियांक खरगे ने भी दिया आश्वासन
शुभांशु शुक्ला के इस कमेंट के बाद कार्यक्रम को संबोधित करने आए कर्नाटक के IT मंत्री प्रियांक खरगे ने भी शहर के ट्रैफिक का जिक्र किया. उन्होंने हंसते हुए कहा कि बेंगलुरु की व्यस्तता ही यहां के ट्रैफिक जाम का सबसे बड़ा कारण है.मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार ट्रैफिक सुधारने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है और आने वाले समय में बेंगलुरु की सड़कें लोगों के लिए और सुगम बनाने का प्रयास जारी रहेगा.
कौन हैं शुभांशु शुक्ला?
शुभांशु शुक्ला सिर्फ एक एस्ट्रोनॉट ही नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना में ग्रुप कैप्टन भी हैं. वह उन चुनिंदा भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल हैं जिन्हें भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन के लिए चुना गया है.अनुभवी टेस्ट पायलट शुक्ला का अंतरिक्ष से जुड़ा सफर और उपलब्धियाँ बेहद प्रभावशाली हैं. इसी साल जुलाई में उन्होंने Axiom Mission 4 का हिस्सा बनकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा भी की थी. शुक्ला के अनुभव और उनकी उपलब्धियाँ उन्हें देश के प्रमुख अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल करती हैं.
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