Asim Munir: दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में दुनिया भर के ताकतवर नेता वैश्विक अर्थव्यवस्था, युद्ध और विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे, लेकिन इसी मंच से पाकिस्तान एक अलग ही वजह से सुर्खियों में आ गया. इस बार चर्चा का केंद्र न तो कोई समझौता बना, न कोई भाषण रहा, बल्कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर की जैकेट बन गई, जिसने सोशल मीडिया पर तूफान खड़ा कर दिया.
दरअसल, पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री इशाक डार ने दावोस से एक वीडियो शेयर किया, जिसमें प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर साथ-साथ चलते नजर आ रहे थे. वीडियो का मकसद अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व की एकजुटता दिखाना था, लेकिन लोगों की नजर जनरल मुनीर के ब्लेजर पर अटक गई. वीडियो में उनकी पीठ पर हल्का उभार साफ नजर आ रहा था, जिसने इंटरनेट यूजर्स की उत्सुकता बढ़ा दी.
जैकेट के उभार ने खड़े किए सवाल
जैसे ही सोशल मीडिया यूजर्स ने वीडियो को जूम करके देखा, अटकलों का दौर शुरू हो गया. कई लोगों का दावा था कि जनरल मुनीर ने अपने कोट के नीचे बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी है. स्विट्जरलैंड जैसे सुरक्षित देश में इस तरह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे. देखते ही देखते यह चर्चा वायरल हो गई कि पाकिस्तान के सबसे ताकतवर जनरल विदेश में भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.
So scared 😟for my life that I wear bullet proof vest even in Switzerland.pic.twitter.com/bfzAp5XrW9
— Field Marshal Syed Asim Munir's Ego (@JungjooGernail) January 22, 2026
ट्रोलर्स के निशाने पर आए पाकिस्तानी जनरल
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तंज कसने वालों की बाढ़ आ गई. किसी ने मजाक उड़ाते हुए पूछा कि क्या जनरल साहब ने हाल ही में कोई एक्शन फिल्म देख ली है, तो किसी ने चुटकी ली कि शायद दावोस की सैर भी अब बिना बुलेटप्रूफ जैकेट के मुमकिन नहीं रही. कुछ यूजर्स ने यह भी लिखा कि वर्ल्ड लीडर्स के बीच जनरल मुनीर असहज और घबराए हुए दिखाई दे रहे थे, जो पाकिस्तान की आंतरिक हालत को दर्शाता है.
दावोस से पाकिस्तान के लिए शर्मिंदगी की खबरें
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि खराब करने के आरोप भी लगे. आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को लेकर दावा किया गया कि शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को 1 बिलियन डॉलर दान करने का ऐलान कर दिया. इस फैसले को लेकर दुनिया भर में हैरानी जताई जा रही है, जबकि पाकिस्तान के भीतर लोग सवाल कर रहे हैं कि जब देश कर्ज और महंगाई से जूझ रहा है, तब इतनी बड़ी रकम दान करने का फैसला कैसे लिया गया.
सत्ता, सुरक्षा और संदेश
दावोस का यह दौरा पाकिस्तान के लिए आर्थिक अवसरों से ज्यादा विवादों की सौगात लेकर आया. एक तरफ जनरल मुनीर की कथित बुलेटप्रूफ जैकेट ने उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए, तो दूसरी तरफ शहबाज-मुनीर की जोड़ी पर देश की प्राथमिकताओं को लेकर उंगलियां उठने लगीं. सोशल मीडिया पर चल रही बहस यही इशारा कर रही है कि दावोस में पाकिस्तान की मौजूदगी से ज्यादा चर्चा उसकी छवि और नेतृत्व के फैसलों की हो रही है.
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