PoK में खत्म हो रहा मुनीर का कंट्रोल! प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी रेंजर को मारी गोली, हालात बेकाबू

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं. प्रदर्शनकारियों को सड़कों से हटाने के दौरान हुई गोलीबारी में पाकिस्तानी पैरामिलिट्री के एक जवान की मौत हो गई, जबकि एक अन्य जवान गंभीर रूप से घायल है.

Asim Munir losing control in PoK Protesters shoot Pakistani Ranger
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PoK Crisis: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं. प्रदर्शनकारियों को सड़कों से हटाने के दौरान हुई गोलीबारी में पाकिस्तानी पैरामिलिट्री के एक जवान की मौत हो गई, जबकि एक अन्य जवान गंभीर रूप से घायल है. पीओके पुलिस के मुताबिक, यह घटना बुधवार को सड़कों को खाली कराने के लिए चलाए गए अभियान के दौरान हुई.

पुलिस ने इस गोलीबारी के लिए आंदोलन का नेतृत्व कर रही जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (जेएएसी) को जिम्मेदार बताया है. हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने इन आरोपों से साफ इनकार किया है.

प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों में बढ़ा तनाव

पीओके में पिछले कई महीनों से विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के बीच कई बार झड़प हो चुकी है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना और पुलिस ने उनके खिलाफ बल प्रयोग किया है. वहीं, सुरक्षा बलों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों की ओर से भी हिंसा की गई है.

जेएएसी ने साफ कहा है कि पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी से प्रदर्शनकारी डरने वाले नहीं हैं और उनका आंदोलन जारी रहेगा.

सड़कें बंद होने से सप्लाई पर असर

पाकिस्तान सरकार के मुताबिक, ताजा झड़प सरसावा-थोरार-थल इलाके में सड़कें खुलवाने के दौरान हुई. इन इलाकों में लंबे समय से सड़कें बंद होने के कारण यातायात प्रभावित है. खाने-पीने की जरूरी चीजों की सप्लाई पर भी इसका असर पड़ा है.

सरकार का कहना है कि सड़क खाली कराने के अभियान के दौरान अवामी एक्शन कमिटी से जुड़े हथियारबंद लोगों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी की. इसी गोलीबारी में एक जवान की मौत हुई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया.

प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर लगाया आरोप

वहीं, प्रदर्शनकारियों ने सरकार के आरोपों को खारिज किया है. उनका कहना है कि सरकार जानबूझकर ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रही है, जिससे प्रदर्शनकारियों को हिंसक बताया जा सके.

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई को सही ठहराने के लिए उन पर हिंसा का आरोप लगाया जा रहा है. उनका कहना है कि पीओके में विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस कदम नहीं उठाया जाता.

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