'भूगोल का हिस्सा बनकर रहना चाहता है या इतिहास का...' आर्मी चीफ की पाकिस्तान को चेतावनी, देखें Video

भारतीय सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने आतंकवाद और सीमा पार गतिविधियों को लेकर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है.

Army Chief General Upendra Dwivedi warning to Pakistan Video
Image Source: ANI

General Upendra Dwivedi: भारतीय सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने आतंकवाद और सीमा पार गतिविधियों को लेकर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है. सेना संवाद कार्यक्रम के दौरान आयोजित सिविल-मिलिट्री इंटरैक्शन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान लगातार आतंकवादियों को समर्थन देता रहा और भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देता रहा, तो उसे यह फैसला करना होगा कि वह दुनिया के नक्शे पर एक जिम्मेदार देश के रूप में रहना चाहता है या इतिहास का हिस्सा बनना चाहता है.

सेना प्रमुख ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई आगे भी पूरी मजबूती से जारी रखेगी. उनका यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब भारत लगातार सीमा पार आतंकवाद, घुसपैठ और आतंकी ढांचे को लेकर पाकिस्तान पर दबाव बनाए हुए है.

बदल चुका है युद्ध का स्वरूप

कार्यक्रम के दौरान जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति पर भी विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि आज का युद्ध केवल जमीन, समुद्र और हवा तक सीमित नहीं रह गया है. अब साइबर स्पेस, अंतरिक्ष और कॉग्निटिव डोमेन भी युद्ध के अहम हिस्से बन चुके हैं.

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में युद्ध केवल हथियारों से नहीं बल्कि डेटा, टेक्नोलॉजी और सूचना के जरिए भी लड़े जाएंगे. इसी दिशा में भारतीय सेना अपनी रणनीति को लगातार आधुनिक बना रही है.

सेना प्रमुख ने बताया कि भारतीय सेना ने वर्ष 2026-27 को “ईयर ऑफ नेटवर्किंग एंड डेटा सेंट्रिसिटी” के रूप में घोषित किया है. इसका उद्देश्य सेना की डिजिटल क्षमता, नेटवर्किंग सिस्टम और डेटा आधारित युद्ध कौशल को मजबूत करना है. उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए सेना आधुनिक तकनीक और नई रणनीतियों पर तेजी से काम कर रही है.

युवा पीढ़ी से उम्मीदें

जनरल द्विवेदी ने देश की युवा पीढ़ी की भूमिका पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि सेना जटिल चुनौतियों के आसान और प्रभावी समाधान खोजने के लिए युवाओं की भागीदारी चाहती है. उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है और सेना इस क्षमता का लाभ उठाना चाहती है.

उन्होंने राष्ट्रीय कैडेट कोर यानी National Cadet Corps की भी सराहना की. सेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देशभर में हुए सिविल डिफेंस अभ्यास में NCC कैडेट्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और अनुशासन देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अहम योगदान दे सकते हैं.

ऑपरेशन सिंदूर का भी किया जिक्र

सेना संवाद कार्यक्रम ऐसे समय आयोजित किया गया जब देश और भारतीय सेना हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ मना रहे हैं.

इस अभियान के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में मौजूद कई आतंकी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की थी. इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था और पाकिस्तान की ओर से भी जवाबी सैन्य गतिविधियां शुरू कर दी गई थीं.

भारतीय सेना ने भी सभी जवाबी कार्रवाइयों को ऑपरेशन सिंदूर के तहत अंजाम दिया. दोनों परमाणु-संपन्न पड़ोसी देशों के बीच यह सैन्य तनाव करीब 88 घंटे तक चला था. बाद में 10 मई की शाम दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति के बाद स्थिति सामान्य होने लगी.

ये भी पढ़ें- पाकिस्तान में 'धुरंधर 2' का जबरदस्त क्रेज, नेटफ्लिक्स पर बनी नंबर-1 ट्रेंडिंग फिल्म, क्रैश हुए सर्वर!