NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच कर रही CBI की शुरुआती पड़ताल में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. जांच एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, यह मामला किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय या संगठित सिंडिकेट से जुड़ा नहीं था, बल्कि कथित तौर पर एक कोचिंग सेंटर को लोकप्रिय बनाने के लिए रची गई साजिश थी. इस पूरे मामले के केंद्र में केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी का नाम सामने आया है, जिस पर आरोप है कि उसने परीक्षा से पहले चुनिंदा छात्रों को संभावित सवाल और जवाब उपलब्ध कराए.
CBI सूत्रों का दावा है कि पीवी कुलकर्णी ने अपने भरोसेमंद छात्रों के लिए पुणे स्थित अपने घर पर विशेष क्लासेस आयोजित करवाई थीं. इन क्लासेस को उसकी सहयोगी मनीषा वाघमरे संचालित करने में मदद कर रही थी. जांच एजेंसी के अनुसार, इन गुप्त क्लासों में छात्रों को उन सवालों की जानकारी दी गई जो बाद में NEET-UG 2026 परीक्षा में पूछे गए. छात्रों को सवालों के विकल्प और सही उत्तर भी विस्तार से समझाए गए थे.
मोटी फीस लेकर चलाई जा रही थीं स्पेशल क्लासेस
CBI की जांच में सामने आया है कि इन कथित “स्पेशल क्लासेस” में शामिल होने के लिए छात्रों से भारी रकम वसूली गई थी. एजेंसी को शक है कि इस पूरी योजना का मकसद कोचिंग सेंटर का रिजल्ट बेहतर दिखाना और उसे देशभर में लोकप्रिय बनाना था.
सूत्रों के मुताबिक, कुलकर्णी चाहता था कि उसके छात्रों के अच्छे अंक आने के बाद उसका कोचिंग संस्थान तेजी से चर्चा में आए और ज्यादा से ज्यादा छात्र वहां एडमिशन लें. इसी लालच में कथित तौर पर परीक्षा से जुड़े गोपनीय सवाल छात्रों तक पहुंचाए गए.
एक छात्र ने बिगाड़ दिया पूरा खेल
जांच में सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया जब CBI को पता चला कि कुलकर्णी के ही एक छात्र ने अनजाने में पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया. बताया जा रहा है कि उस छात्र ने अपने पैसे वसूलने या दूसरों को प्रभावित करने के मकसद से कथित तौर पर लीक किए गए सवाल सोशल मीडिया के जरिए कई लोगों तक पहुंचा दिए.
सूत्रों के मुताबिक, छात्र ने वह सामग्री कुछ ऐसे लोगों को भी भेजी जो खुद कोचिंग क्लास चलाते थे. इसके बाद सवालों का यह सेट तेजी से कई राज्यों तक फैल गया. हालांकि शुरुआत में अधिकांश छात्रों ने इसे सिर्फ “गेस पेपर” मानकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन मामला तब गंभीर हो गया जब परीक्षा के बाद वही सवाल असली पेपर से मेल खाते पाए गए.
बताया जा रहा है कि कई छात्रों की नोटबुक में लिखे गए प्रश्न और उत्तर 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा के वास्तविक प्रश्नपत्र से लगभग पूरी तरह मेल खाते थे. यहीं से पेपर लीक की आशंका मजबूत हुई और मामला केंद्रीय एजेंसियों तक पहुंच गया.
शिक्षा मंत्रालय की शिकायत के बाद केस दर्ज
यह मामला 12 मई 2026 को औपचारिक रूप से दर्ज किया गया था. शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से NEET-UG पेपर लीक को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी. शिकायत मिलते ही CBI ने विशेष जांच टीमों का गठन किया और देशभर में जांच शुरू कर दी.
जांच एजेंसी ने कई राज्यों में एक साथ छापेमारी कर डिजिटल सबूत जुटाने की कोशिश की. सूत्रों के अनुसार, इस दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं.
कई राज्यों में CBI की कार्रवाई
पिछले 24 घंटों में CBI ने देशभर के कई शहरों में छापेमारी की कार्रवाई की. जांच एजेंसी ने जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, अहमदाबाद समेत कई स्थानों पर दबिश देकर संदिग्धों से पूछताछ की.
जांच के दौरान बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों को फोरेंसिक जांच के लिए CFSL भेजा गया है. एजेंसी अब इन डिजिटल सबूतों का तकनीकी विश्लेषण कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पेपर लीक की जानकारी किन-किन लोगों तक पहुंची और इसके पीछे किस स्तर तक नेटवर्क काम कर रहा था.
अब तक 7 आरोपी गिरफ्तार
CBI अब तक इस मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. गिरफ्तार आरोपियों में कथित तौर पर पेपर लीक से जुड़े लोग, बिचौलिए और अन्य सहयोगी शामिल हैं. अदालत ने इन आरोपियों को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है ताकि उनसे विस्तृत पूछताछ की जा सके.
इसके अलावा दो अन्य आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया जा रहा है. जांच एजेंसी का मानना है कि इनसे पूछताछ के बाद कई और अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं.
मनी ट्रेल की भी जांच शुरू
CBI अब इस मामले की आर्थिक जांच भी कर रही है. एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि छात्रों से कितनी रकम ली गई, पैसा किन खातों में पहुंचा और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग आर्थिक रूप से शामिल थे.
सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि कई छात्रों से लाखों रुपये वसूले गए थे. एजेंसी अब बैंक खातों, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि पूरे “मनी ट्रेल” का पता लगाया जा सके.
जांच में सामने आ सकते हैं और बड़े नाम
CBI अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस नेटवर्क का संबंध दूसरे राज्यों के कोचिंग संस्थानों या शिक्षा माफिया से तो नहीं था.
फिलहाल जांच जारी है और एजेंसी पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों ने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है. ऐसे में अब सभी की नजर CBI की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है.