Apple Pay: डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में भारत पहले से ही दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में शामिल है. UPI, Google Pay और PhonePe जैसी सेवाओं ने देश में कैशलेस लेनदेन को आम बना दिया है. अब इसी प्रतिस्पर्धी बाजार में Apple Pay की एंट्री होने जा रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple इस साल के अंत तक भारत में अपनी Apple Pay सर्विस लॉन्च कर सकता है, हालांकि इसके लिए नियामक मंजूरी मिलना जरूरी होगा.
फिलहाल Apple Pay दुनिया के 89 देशों में उपलब्ध है और अब कंपनी भारत को अपने अगले बड़े बाजार के रूप में देख रही है. पिछले कुछ वर्षों में Apple ने भारत में अपनी पकड़ मजबूत की है, ऐसे में Apple Pay जैसे इकोसिस्टम-आधारित फीचर्स का लॉन्च कंपनी के लिए रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है.
Apple Pay के साथ मिलेगा ‘Tap to Pay’ फीचर
Apple Pay के भारत में आने के साथ ही यूजर्स को कंपनी का लोकप्रिय ‘Tap to Pay’ फीचर भी मिलने की उम्मीद है. इस फीचर की मदद से यूजर अपने iPhone या Apple Watch को पेमेंट मशीन के पास टैप करके भुगतान कर सकते हैं.
इस प्रक्रिया में-
यूजर्स अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी Apple Wallet में सेव कर सकते हैं और फिर बिना फिजिकल कार्ड निकाले आसानी से भुगतान कर सकते हैं. यह फीचर अभी तक भारतीय यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं था.
ध्यान देने वाली बात यह है कि Apple Pay केवल Apple के डिवाइसेज़ जैसे iPhone और Apple Watch पर ही काम करता है. कंपनी का मानना है कि इससे यूजर्स का जुड़ाव Apple के इकोसिस्टम के साथ और मजबूत होगा.
भारत में Apple की मजबूत होती पकड़
Apple Pay का भारत में संभावित लॉन्च सीधे तौर पर कंपनी की बढ़ती मौजूदगी से जुड़ा है. भारत अब Apple के लिए एक तेजी से बढ़ता और रणनीतिक बाजार बन चुका है.
IDC के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2025 की तिमाही में Apple ने भारत में अब तक की सबसे बड़ी तिमाही बिक्री दर्ज की, जिसमें 50 लाख यूनिट्स की शिपमेंट हुई. यह आंकड़ा साफ तौर पर दिखाता है कि देश में iPhone यूजर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है.
जैसे-जैसे Apple के प्रोडक्ट्स का यूजर बेस बढ़ेगा, वैसे-वैसे Apple Pay जैसी सेवाओं की मांग भी बढ़ने की संभावना है. यही वजह है कि कंपनी अब भारत में अपने सॉफ्टवेयर और सर्विस इकोसिस्टम को विस्तार देने पर फोकस कर रही है.
UPI, GPay और PhonePe से होगा मुकाबला
भारत में डिजिटल भुगतान का बाजार पहले से ही काफी मजबूत है. UPI के जरिए Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे प्लेटफॉर्म्स करोड़ों ट्रांजैक्शन रोजाना संभालते हैं. ऐसे में Apple Pay के लिए इस बाजार में जगह बनाना आसान नहीं होगा.
हालांकि, Apple Pay का मुख्य फोकस iPhone यूजर्स पर रहेगा. Apple के डिवाइस इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए यह एक अतिरिक्त सुविधा साबित हो सकती है, क्योंकि उन्हें अलग से किसी थर्ड पार्टी पेमेंट ऐप को इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
क्या Apple Pay से UPI ऐप्स की जरूरत खत्म हो जाएगी?
कई लोगों के मन में यह सवाल हो सकता है कि Apple Pay आने के बाद क्या UPI ऐप्स का इस्तेमाल कम हो जाएगा. लेकिन ऐसा होना मुश्किल है.
असल में,
इस वजह से UPI ऐप्स पर Apple Pay के आने का कोई बड़ा नकारात्मक असर पड़ने की संभावना नहीं है. Apple Pay को एक अतिरिक्त विकल्प के तौर पर देखा जा सकता है, न कि UPI के विकल्प के रूप में.
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