बेटे अग्निवेश की मौत के बाद अनिल अग्रवाल का बड़ा फैसला, अपनी 75% सपंत्ति करेंगे दान, निभाएंगे वादा!

वेदांता समूह के चेयरमैन और जाने-माने उद्योगपति अनिल अग्रवाल के जीवन में हाल ही में एक बेहद दुखद घटना घटी. अमेरिका में उनके बेटे अग्निवेश अग्रवाल की अचानक मौत ने उन्हें गहरे सदमे में डाल दिया.

Anil Aggarwal will donate 75% of wealth after the death of his son
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वेदांता समूह के चेयरमैन और जाने-माने उद्योगपति अनिल अग्रवाल के जीवन में हाल ही में एक बेहद दुखद घटना घटी. अमेरिका में उनके बेटे अग्निवेश अग्रवाल की अचानक मौत ने उन्हें गहरे सदमे में डाल दिया. इस निजी त्रासदी के बीच अनिल अग्रवाल ने एक बार फिर अपने उस संकल्प को दोहराया है, जिसके तहत वह अपनी 75 प्रतिशत से ज्यादा संपत्ति समाज की भलाई के लिए दान करेंगे.

अग्रवाल ने यह बात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए एक भावुक संदेश में कही. उन्होंने अपने बेटे के विचारों, सपनों और भारत को लेकर उसके विश्वास का जिक्र करते हुए कहा कि अग्निवेश आत्मनिर्भर भारत की सोच में गहरा भरोसा रखता था. उसके मुताबिक, देश में संसाधनों की कोई कमी नहीं है और भारत को कभी पीछे नहीं रहना चाहिए.

समाज के लिए साझा सपना

अनिल अग्रवाल ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उन्होंने और उनके बेटे ने मिलकर एक ऐसा सपना देखा था, जिसमें कोई बच्चा भूखा न सोए, किसी बच्चे को शिक्षा से वंचित न रहना पड़े, हर महिला आत्मनिर्भर बने और हर युवा भारतीय को सम्मानजनक रोजगार मिले.

उन्होंने लिखा कि उन्होंने अग्निवेश से यह वादा किया था कि वे जो भी कमाएंगे, उसका 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सा समाज को लौटाएंगे. बेटे की मृत्यु के बाद उन्होंने इस वादे को एक बार फिर सार्वजनिक रूप से दोहराया और कहा कि अब वह और भी सादा और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने का संकल्प लेते हैं.

बेटे की यादों के सहारे आगे बढ़ने का संकल्प

अग्रवाल ने कहा कि उनके बेटे की यादें और उसका प्रभाव उन लोगों की जिंदगी के जरिए जीवित रहेगा, जिनकी उसने किसी न किसी रूप में मदद की. उन्होंने इस दिन को अपने जीवन का सबसे अंधकारमय दिन बताया और कहा कि यह ऐसा नुकसान है, जिसे शब्दों में बयान करना नामुमकिन है.

स्कीइंग दुर्घटना के बाद बिगड़ी हालत

अनिल अग्रवाल ने बताया कि उनके बेटे अग्निवेश एक स्कीइंग दुर्घटना में घायल हो गए थे और इसके बाद उनका इलाज अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित माउंट सिनाई अस्पताल में चल रहा था. डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत में सुधार हो रहा था और ऐसा माना जा रहा था कि वह अब खतरे से बाहर है.

उन्होंने लिखा कि परिवार को लगने लगा था कि सबसे मुश्किल समय गुजर चुका है. लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. अचानक आई स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के चलते अग्निवेश को दिल का दौरा पड़ा और उसकी जान चली गई.

एक पिता का टूटता हुआ दिल

अपनी पोस्ट में अनिल अग्रवाल ने एक पिता के दर्द को बेहद मार्मिक शब्दों में व्यक्त किया. उन्होंने लिखा कि कोई भी शब्द उस पीड़ा को व्यक्त नहीं कर सकता, जो किसी माता-पिता को अपने बच्चे को हमेशा के लिए खो देने पर महसूस होती है.

उन्होंने कहा कि बेटे को पिता से पहले नहीं जाना चाहिए. यह नुकसान इतना गहरा है कि परिवार अभी भी इसे स्वीकार करने की कोशिश कर रहा है.

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