अमरोहा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक बार फिर ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. 19 वर्षीय नवविवाहिता पुष्पेंद्री देवी की संदिग्ध मौत ने दहेज उत्पीड़न और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
भोपाल की ट्विशा शर्मा और ग्रेटर नोएडा की दीपिका नागर के मामलों के बाद अब अमरोहा की पुष्पेंद्री देवी की मौत ने लोगों को अंदर तक हिला दिया है. तीनों मामलों में एक बात बेहद समान दिखाई दे रही है- शादी के बाद ससुराल पहुंचीं बेटियों की जिंदगी धीरे-धीरे डर, प्रताड़ना और आखिरकार मौत की खबर में बदल गई.
आखिरी फोन कॉल ने सबको रुला दिया
अमरोहा के आदमपुर थाना क्षेत्र के बगड़पुर चोइया गांव में रहने वाली पुष्पेंद्री देवी मंगलवार रात अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिलीं. लेकिन मौत से पहले हुआ उनका आखिरी फोन कॉल अब इस पूरे मामले का सबसे भावुक और अहम हिस्सा बन गया है.
परिवार के मुताबिक, मंगलवार शाम करीब साढ़े छह बजे पुष्पेंद्री ने अपने पिता बलबीर सिंह को फोन किया था. उस वक्त वह बेहद डरी हुई थीं और लगातार रो रही थीं.
बताया जा रहा है कि फोन पर उन्होंने कांपती आवाज में कहा, “पापा, मुझे यहां से ले जाइए… ये लोग मुझे मार डालेंगे…”
पिता ने बेटी को शांत कराने की कोशिश की और भरोसा दिलाया कि वह जल्द पहुंच रहे हैं. लेकिन शायद उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि यह उनकी बेटी से आखिरी बातचीत होगी.
पिता बोले- बेटी जान बचाने की गुहार लगा रही थी
पुष्पेंद्री के पिता बलबीर सिंह का कहना है कि उनकी बेटी बेहद घबराई हुई थी. वह लगातार अपनी जान को खतरा बता रही थी.
उन्होंने बताया कि बेटी फोन पर रोते हुए मदद मांग रही थी और ससुराल वालों से डरने की बात कह रही थी. परिवार जब तक वहां पहुंच पाता, उससे पहले ही पुष्पेंद्री की मौत की खबर आ गई.
परिवार का कहना है कि बेटी की आवाज में डर साफ महसूस हो रहा था और वह किसी बड़े खतरे की आशंका जता रही थी.
फरवरी में हुई थी शादी
जानकारी के अनुसार, पुष्पेंद्री देवी की शादी इसी साल 13 फरवरी को गजरौला क्षेत्र के खुमावली गांव निवासी किसान ओमपाल के साथ हुई थी.
परिजनों का कहना है कि उन्होंने अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार शादी में दहेज दिया था. लेकिन शादी के कुछ समय बाद से ही अतिरिक्त पैसों की मांग शुरू हो गई थी.
आरोप है कि ससुराल पक्ष की ओर से लगातार 10 लाख रुपये की मांग की जा रही थी. मांग पूरी न होने पर पुष्पेंद्री को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था.
परिवार ने हत्या का लगाया आरोप
मृतका के परिजनों का आरोप है कि पुष्पेंद्री के साथ मारपीट की गई और बाद में उसकी हत्या कर मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई.
परिवार का कहना है कि शव को फंदे से लटकाकर पूरे मामले को आत्महत्या दिखाने का प्रयास किया गया.
घटना के बाद इलाके में भारी तनाव का माहौल है और स्थानीय लोग भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह मामला इसलिए भी ज्यादा चर्चा में है क्योंकि हाल के महीनों में इसी तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं.
ग्रेटर नोएडा की दीपिका नागर केस ने पूरे प्रदेश में बहस छेड़ दी थी, जहां परिवार ने बेटी की मौत के पीछे ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे.
इसके अलावा भोपाल की ट्विशा शर्मा मामले ने भी लोगों को झकझोर दिया था. इन घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर शादी के बाद बेटियों की सुरक्षा को लेकर समाज कब गंभीर होगा.
दहेज और घरेलू प्रताड़ना पर फिर उठे सवाल
पुष्पेंद्री देवी की मौत ने दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा को लेकर नई बहस शुरू कर दी है. हर साल देशभर में बड़ी संख्या में दहेज उत्पीड़न और संदिग्ध मौतों के मामले सामने आते हैं. कई मामलों में पीड़ित महिलाएं परिवार को अपनी तकलीफ बताती हैं, लेकिन समय रहते मदद नहीं मिल पाती.
पुष्पेंद्री का आखिरी फोन कॉल भी अब लोगों के दिलों को झकझोर रहा है, क्योंकि उसमें एक बेटी अपनी जान बचाने की गुहार लगा रही थी.
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