Amit Shah On Delhi Blast: दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार शाम हुए भीषण कार विस्फोट के बाद केंद्र सरकार हरकत में आ गई है. इस घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ दो अहम बैठकें कीं, पहली सुबह और दूसरी दोपहर में. दोनों बैठकों में राष्ट्रीय राजधानी और देश के अन्य संवेदनशील हिस्सों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई.
अमित शाह ने स्पष्ट निर्देश दिया कि इस हमले के पीछे शामिल हर शख्स को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर कानून के कठघरे में लाया जाएगा. गृह मंत्री ने जांच एजेंसियों को आदेश दिया है कि वे इस हमले की “संपूर्ण साजिश की जड़ तक जाएं और इसमें शामिल सभी नेटवर्क को खत्म करें.”
Chaired review meetings on the Delhi car blast with the senior officials. Instructed them to hunt down each and every culprit behind this incident. Everyone involved in this act will face the full wrath of our agencies. pic.twitter.com/8UO2PYCvoh
— Amit Shah (@AmitShah) November 11, 2025
एनआईए को सौंपी गई जांच
बैठक के बाद गृह मंत्रालय ने इस धमाके की जांच का जिम्मा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया है. यह कदम इस बात का संकेत है कि सरकार इस विस्फोट को एक आतंकी कृत्य के रूप में देख रही है, क्योंकि एनआईए केवल आतंकवाद और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों से जुड़े मामलों की जांच करती है.
बैठक में गृह सचिव गोविंद मोहन, एनआईए के डीजी सदानंद वसंत दाते, आईबी प्रमुख तपन डेका, और दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात भी डिजिटल माध्यम से मीटिंग में शामिल हुए.
दिल्ली में हाई अलर्ट, कई जगह छापेमारी
विस्फोट के बाद दिल्ली पुलिस ने यूएपीए (UAPA) और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस की कई टीमें राष्ट्रीय राजधानी के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर रही हैं. सुरक्षा एजेंसियां फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर में पहले पकड़े गए आतंकवादी मॉड्यूल से इस ब्लास्ट के तार जोड़कर देख रही हैं.
सूत्रों के अनुसार, जिस हुंडई i20 कार में धमाका हुआ था, उसे चलाने वाला व्यक्ति पुलवामा निवासी डॉ. उमर मोहम्मद था. जांच में सामने आया है कि उसका संबंध फरीदाबाद स्थित आतंकी मॉड्यूल से था, जहां से कुछ दिन पहले 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट, असॉल्ट राइफलें और बम बनाने की सामग्री बरामद की गई थी.
बढ़ी मृतकों की संख्या और सुरक्षा व्यवस्था
विस्फोट में मरने वालों की संख्या अब 12 तक पहुंच चुकी है, जबकि दर्जनों लोग अस्पतालों में भर्ती हैं. धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास खड़ी कई गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए और सड़क पर गड्ढा बन गया. घटना के तुरंत बाद एनएसजी, एफएसएल और दिल्ली पुलिस की टीमें मौके पर पहुंची और जांच शुरू की.
सरकार ने दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा है. लाल किले, इंडिया गेट, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और प्रमुख बाजारों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड लगातार जांच में लगे हैं. अमित शाह ने कहा कि यह घटना “देश की सुरक्षा पर सीधा हमला” है और किसी भी सूरत में दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा. उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच एजेंसियां पूरी सख्ती से काम कर रही हैं और जल्द ही इस हमले के पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया जाएगा.
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