Amit Shah Bikaner Border: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मंगलवार को राजस्थान के बीकानेर दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की. इस दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब केवल सीमा की निगरानी पर्याप्त नहीं है, बल्कि सीमा से सटे अंदरूनी इलाकों की गतिविधियों पर भी उतनी ही सतर्क नजर रखने की जरूरत है.
गृहमंत्री ने बीकानेर सेक्टर की सांचू पोस्ट पहुंचकर ‘प्रहरी सम्मेलन’ को संबोधित किया. उन्होंने बीएसएफ जवानों से कहा कि बदलते सुरक्षा हालात को देखते हुए अब पारंपरिक सीमा सुरक्षा मॉडल से आगे बढ़ना होगा. उन्होंने निर्देश दिया कि सीमा से 50 किलोमीटर तक के क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध गतिविधि, अवैध निर्माण या असामान्य हलचल की जानकारी तुरंत स्थानीय प्रशासन और पुलिस तक पहुंचाई जाए.
सीमावर्ती गांवों में जनसंख्या बदलाव पर भी नजर रखने के निर्देश
अमित शाह ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में जनसंख्या का अस्वाभाविक बदलाव भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का संकेत हो सकता है. उन्होंने बीएसएफ से कहा कि यदि गांवों में अचानक आबादी बढ़ती दिखाई दे या संदिग्ध गतिविधियां सामने आएं, तो राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत अलर्ट किया जाए.
उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा अब केवल तारबंदी तक सीमित नहीं रह सकती. देश की सुरक्षा व्यवस्था को अंदरूनी नेटवर्क और संभावित खतरों को ध्यान में रखकर मजबूत करना होगा. शाह ने यह भी कहा कि दुश्मन ताकतें देश के भीतर मौजूद कुछ तत्वों का इस्तेमाल करने की कोशिश करती हैं, इसलिए आंतरिक सुरक्षा और सीमा सुरक्षा को साथ लेकर चलना जरूरी है.
बीकानेर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित सांचू बॉर्डर आउटपोस्ट पर BSF के वीर जवानों से संवाद कर रहा हूँ। https://t.co/afD5cPSunn
— Amit Shah (@AmitShah) May 26, 2026
ड्रोन के जरिए हथियार और नशे की तस्करी बड़ा खतरा
गृहमंत्री ने सीमा पार से हो रही ड्रोन गतिविधियों को गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि ड्रोन के जरिए हथियार, गोला-बारूद और नारकोटिक्स की तस्करी लगातार बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि सरकार अगले छह महीनों के भीतर आधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने की प्रक्रिया शुरू करेगी.
उन्होंने बीएसएफ अधिकारियों से कहा कि केवल ड्रोन को देखना ही काफी नहीं है, बल्कि यह भी पता लगाना जरूरी है कि ड्रोन को रिसीव कौन करता है और तस्करी का सामान किन लोगों तक पहुंचता है. शाह ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को पूरी सप्लाई चेन पर नजर रखनी होगी.
‘फोर लेयर सिक्योरिटी ग्रिड’ बनाने पर जोर
अमित शाह ने सीमा सुरक्षा के लिए एक नई रणनीति का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ‘फोर लेयर सिक्योरिटी ग्रिड’ पर काम कर रही है. इस मॉडल में बीएसएफ, सेना, स्थानीय नागरिक और राज्य सरकार मिलकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेंगे.
उन्होंने कहा कि यह केवल सुरक्षा का ढांचा नहीं, बल्कि साझा जिम्मेदारी का मॉडल होगा. सीमा की रक्षा केवल जवानों का काम नहीं है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की सतर्कता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है.
कच्छ, त्रिपुरा और बंगाल में भी होंगी संयुक्त बैठकें
गृहमंत्री ने बताया कि हाल ही में उन्होंने बिहार के सीमांचल क्षेत्र में भी इसी मुद्दे पर समीक्षा बैठक की थी. अब इसी तरह की संयुक्त सुरक्षा बैठकें कच्छ बॉर्डर, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में भी आयोजित की जाएंगी.
उन्होंने कहा कि जिन सीमाओं की सुरक्षा बीएसएफ के जिम्मे है, वहां इस बहुस्तरीय सुरक्षा मॉडल को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है ताकि किसी भी खतरे को पहले ही रोका जा सके.
‘हमला होने के बाद जवाब देने की नौबत नहीं आनी चाहिए’
अमित शाह ने कहा कि साल 2014 के बाद देश की सुरक्षा नीति में बड़ा बदलाव आया है और केंद्र सरकार ने सेना तथा बीएसएफ के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया है. उन्होंने कहा कि भारत अब किसी भी आतंकी या सुरक्षा चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है.
गृहमंत्री ने कहा कि देश की सीमाएं इतनी मजबूत होनी चाहिए कि दुश्मन हमला करने की हिम्मत ही न जुटा सके. सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य केवल जवाब देना नहीं, बल्कि खतरे को पहले ही खत्म करना होना चाहिए.
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