'एक भी इंडियन ऐसा नहीं है, जो...' अमेरिकी नेता ने लगाई भारतीयों को देश से निकालने की गुहार, हुआ बवाल

अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य के एक राजनीतिक नेता चैंडलर लैंगविन ने भारतीय समुदाय के खिलाफ विवादित बयान दिया है, जिससे अमेरिकी-भारतीय समुदाय में गहरी नाराजगी फैल गई है.

American leader appeals to expel Indians from the country
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वाशिंगटन: अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य के एक राजनीतिक नेता चैंडलर लैंगविन ने भारतीय समुदाय के खिलाफ विवादित बयान दिया है, जिससे अमेरिकी-भारतीय समुदाय में गहरी नाराजगी फैल गई है. उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए कहा था कि भारतीय अमेरिकी समुदाय अमेरिका का आर्थिक शोषण कर रहा है और उनका अमेरिका में रहना उचित नहीं है. इस बयान के बाद उन्हें न केवल कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा बल्कि फ्लोरिडा की सिटी काउंसिल ने भी उनके खिलाफ एक निंदा प्रस्ताव पारित किया है.

विवादित बयान और प्रतिक्रिया

चैंडलर लैंगविन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि “एक भी भारतीय ऐसा नहीं है जो अमेरिका की परवाह करता हो” और उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय अमेरिकी समुदाय केवल अमेरिका से फायदा उठाने के लिए यहां है. उन्होंने इसे "अमेरिका अमेरिकियों के लिए" का मामला बताया. उनके इस बयान ने अमेरिकी भारतीय समुदाय के बीच गुस्सा और आक्रोश पैदा कर दिया.

इस बयान के बाद फ्लोरिडा की सिटी काउंसिल ने लैंगविन के खिलाफ कड़े कदम उठाए. काउंसिल ने फैसला लिया कि अब लैंगविन को किसी भी मुद्दे को अपने एजेंडे में शामिल करने के लिए अन्य सदस्यों की सहमति लेना जरूरी होगा. इसके अलावा, उन्हें आयुक्तों के बारे में सार्वजनिक टिप्पणी करने से रोक दिया गया है और उन्हें कुछ समितियों से भी हटा दिया गया है.

पलटाव और सफाई

बयान देने के बाद जब विवाद बढ़ा, तो लैंगविन ने सफाई देते हुए कहा कि उनका लक्ष्य भारतीय अमेरिकी समुदाय नहीं, बल्कि अस्थायी वीज़ा पर अमेरिका में रहने वाले कुछ लोगों पर था. उन्होंने दावा किया कि उनकी टिप्पणियां केवल उन अस्थायी वीज़ा धारकों के लिए थीं जो अमेरिका में रहते हुए नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं.

हालांकि, उनके इसी बयान ने बहस को और हवा दी क्योंकि सोशल मीडिया पर उन्होंने कई पोस्ट में भारतीयों के खिलाफ कठोर भाषा का इस्तेमाल किया था. एक पोस्ट में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपील की कि सभी भारतीयों के वीज़ा रद्द कर दिए जाएं और उन्हें अमेरिका से तुरंत निष्कासित किया जाए. उन्होंने अपने जन्मदिन के मौके पर ये मांग की थी.

भारतीयों पर आरोप और प्रतिक्रिया

लैंगविन ने यह भी कहा कि भारतीय अमेरिकी केवल अमेरिकी नागरिकों की जेबें खाली करने के लिए हैं. इस बयान के बाद भारतीय समुदाय के लोगों में गहरा आक्रोश देखा गया. अमेरिकी भारतीय संगठनों ने लैंगविन के बयान को कड़ाई से नकारा और इसे नफरत फैलाने वाला बताया.

इस पूरे मामले में यह भी ध्यान आकर्षित किया गया कि हाल ही में फ्लोरिडा टर्नपाइक पर भारत में जन्मे एक व्यक्ति, हरजिंदर सिंह, पर अवैध यू-टर्न लेने के कारण हुए एक हादसे में तीन लोगों की मौत का आरोप लगा था. इस घटना को लेकर भी भारतीयों पर नकारात्मक ध्यान गया, जो लैंगविन जैसे नेताओं के बयान को और मजबूत करने में सहायक बना.

अमेरिका में भारतीय समुदाय की स्थिति

अमेरिका में भारतीय मूल के लोग तेजी से बढ़ते आर्थिक और सामाजिक प्रभाव के साथ एक महत्वपूर्ण समुदाय बन चुके हैं. वे विभिन्न क्षेत्रों जैसे तकनीकी, चिकित्सा, शिक्षा और व्यवसाय में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. इसके बावजूद, कुछ राजनीतिक नेताओं द्वारा इस तरह के विवादित बयान देने से समुदाय में असुरक्षा और भय की भावना उत्पन्न होती है.

भारतीय अमेरिकी समुदाय के कई नेता और संगठन इस घटना के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और लैंगविन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा है कि इस तरह के बयान न केवल गलत हैं बल्कि वे अमेरिकी मूल्यों के खिलाफ भी हैं, जो विविधता और समावेशन को बढ़ावा देते हैं.

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