यरूशलेम/वॉशिंगटन/गाजा: पश्चिम एशिया में जारी इजरायल-हमास संघर्ष में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. इजरायल की कैबिनेट ने हमास के साथ एक बंधक रिहाई समझौते को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत हमास के कब्जे में मौजूद इजरायली नागरिकों की चरणबद्ध रिहाई की योजना बनाई गई है. इस समझौते के तुरंत बाद संयुक्त राज्य अमेरिका ने लगभग 200 अमेरिकी सैनिकों को इजरायल भेजने का फैसला किया है, जिनका उद्देश्य युद्धविराम की निगरानी और रिहाई प्रक्रिया में सहयोग करना होगा.
समझौते के तहत इजरायल और हमास युद्धविराम के लिए तैयार हुए हैं. प्रारंभिक चरण में हमास द्वारा बंधकों की रिहाई और इजरायल द्वारा सीमित सैन्य वापसी पर सहमति बनी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पहल को अपने “20-सूत्रीय गाजा शांति योजना” का हिस्सा बताया है.
सभी बंधकों की रिहाई की उम्मीद है- ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि जैसे ही इजरायली कैबिनेट से मंजूरी मिल गई, पहला चरण लागू हो जाएगा और कुछ ही दिनों में सभी बंधकों की रिहाई की उम्मीद है. उन्होंने इसे "ऐतिहासिक और निर्णायक मोड़" बताया.
अमेरिकी सैनिकों की तैनाती: क्या होगी भूमिका?
सीएनएन और एएफपी की रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने यह घोषणा की है कि वह लगभग 200 सैनिकों को इजरायल भेजेगा, जिनका मुख्य कार्य युद्धविराम की निगरानी और बंधकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करना होगा. ये सैनिक सीजफायर एग्रीमेंट के क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे और जरूरत पड़ने पर मानवीय सहायता व संचार संपर्क में मदद करेंगे.
हालांकि, अमेरिकी सैनिक गाजा में सीधे सैन्य कार्रवाई में भाग नहीं लेंगे. वे लॉजिस्टिक्स और राजनयिक समर्थन की भूमिका निभाएंगे, ताकि किसी भी पक्ष द्वारा समझौते के उल्लंघन की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके.
इजरायल का हवाई हमला और ताजा हालात
समझौते से ठीक पहले गुरुवार, 9 अक्टूबर की रात को इजरायल ने गाजा सिटी के सबरा इलाके में एक बड़ा हवाई हमला किया. इस हमले में एक बहुमंजिला इमारत ध्वस्त हो गई, और रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 40 लोग मलबे में दब गए.
इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह हमला उन आतंकवादियों के खिलाफ किया गया जो इजरायली सैनिकों के लिए तत्काल खतरा बन रहे थे. IDF ने कहा, "हमने उन जगहों को निशाना बनाया जहां हमास के आतंकी मौजूद थे और इजरायली नागरिकों व सैनिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बन चुके थे."
गाजा की नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने बताया कि अब तक 4 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि दर्जनों लोग अब भी मलबे में दबे हैं. अल-शिफा अस्पताल के निदेशक डॉ. मोहम्मद अबू सलमिया ने बताया कि बुधवार शाम से लेकर अब तक 30 फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो चुकी है.
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