आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी में बुधवार का दिन श्रद्धा, आध्यात्मिकता और सम्मान का अद्भुत संगम बन गया. दिवंगत आध्यात्मिक गुरु श्री सत्य साईं बाबा की जन्म शताब्दी समारोह में देशभर से श्रद्धालु पहुंचे, और इस पुण्य अवसर की गरिमा बढ़ाने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. पीएम मोदी ने साईं बाबा की महासमाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके उपदेशों को मानवता के लिए कालातीत बताया. समारोह में बॉलीवुड से भी एक खास चेहरा मौजूद था—ऐश्वर्या राय बच्चन, जिन्होंने अपने भावपूर्ण संबोधन से कार्यक्रम को और अर्थपूर्ण बना दिया.
कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए ऐश्वर्या राय ने प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति को “विशेष और प्रेरणादायक” बताया. उन्होंने कहा कि साईं बाबा के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री का आना इस उत्सव की महत्ता को और बढ़ा देता है. ऐश्वर्या ने कहा मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं. आपका यहां होना हमारे लिए सम्मान की बात है. आपके विचार हमेशा प्रेरणा देते हैं. आपकी उपस्थिति हमें यह याद दिलाती है कि साईं बाबा का संदेश— सेवा ही सच्चा नेतृत्व हैआज भी उतना ही प्रासंगिक है.
पांच ‘D’ की सीख पर बोलीं ऐश्वर्या
#WATCH | Puttaparthi, Andhra Pradesh: Actress and Miss World 1994, Aishwarya Rai Bachchan, says, "There is only one caste, the caste of humanity. There is only one religion, the religion of love. There is only one language, the language of the heart, and there is only one God,… pic.twitter.com/uT7qKV7guN
— ANI (@ANI) November 19, 2025
अपने संबोधन में ऐश्वर्या राय ने श्री सत्य साईं बाबा के पांच ‘D’ की शिक्षा को याद किया, जिन्हें वह जीवन की दिशा देने वाली मूल मंत्र बताती हैं.
ये पांच ‘D’ हैं
पीएम मोदी ने किया रोड शो
पुट्टपर्थी पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सड़क मार्ग से अपने समर्थकों का अभिवादन भी स्वीकार किया. श्रद्धांजलि समारोह के दौरान उनके साथ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण भी उपस्थित रहे.
कौन थे श्री सत्य साईं बाबा?
23 नवंबर 1926 को आंध्र प्रदेश के इसी पुट्टपर्थी गांव में सत्यनारायण राजू के रूप में जन्म लेने वाले साईं बाबा ने मात्र 14 वर्ष की उम्र में स्वयं को शिरडी साईं बाबा का अवतार घोषित किया था. उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन मानवता, सेवा और आध्यात्मिक upliftment को समर्पित कर दिया. साईं बाबा का संदेश सरल था. हर जीव में ईश्वर का वास है. इसलिए मानव सेवा ही ईश्वर की सेवा है. उनके शिक्षा, स्वास्थ्य और समाजसेवा से जुड़े कार्य आज भी लाखों लोगों को दिशा दिखाते हैं.पुट्टपर्थी में आयोजित यह शताब्दी समारोह न केवल उनकी याद में श्रद्धांजलि था, बल्कि मानवता की उस विरासत का उत्सव भी, जिसे साईं बाबा ने जीवनभर जीया और सिखाया.
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