नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के दौर में एयर इंडिया की एक फ्लाइट से जुड़ी घटना ने विमानन सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. दिल्ली से अमृतसर जा रही एयर इंडिया की उड़ान AI-479 अचानक अपने निर्धारित मार्ग से भटक गई और पाकिस्तान के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गई. हालांकि विमान कुछ ही समय बाद भारतीय एयरस्पेस में लौट आया, लेकिन यह घटना इसलिए गंभीर मानी जा रही है क्योंकि पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र पहले से बंद कर रखा है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तकनीकी खराबी के कारण विमान का नेविगेशन सिस्टम प्रभावित हुआ, जिसके चलते यह स्थिति पैदा हुई.
तकनीकी खराबी के चलते बदला विमान का रास्ता
सोमवार रात एयर इंडिया की फ्लाइट AI-479 ने दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अमृतसर के लिए उड़ान भरी थी. विमान ने निर्धारित समय से महज कुछ मिनट की देरी से टेकऑफ किया था और उसे रात साढ़े दस बजे तक अमृतसर पहुंचना था. उड़ान के दौरान अचानक तकनीकी समस्या सामने आई, जिससे विमान का नेविगेशन सिस्टम प्रभावित हो गया और विमान अपने तय मार्ग से हट गया. बताया जा रहा है कि इसी दौरान विमान अनजाने में पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र की ओर बढ़ गया. पायलट को स्थिति का पता तब चला जब पाकिस्तान की एयर ट्रैफिक अथॉरिटी की ओर से चेतावनी जारी की गई. इसके बाद विमान को तुरंत वापस भारतीय सीमा की ओर मोड़ दिया गया.
भारतीय विमानों के लिए बंद है पाकिस्तान का एयरस्पेस
पाकिस्तान ने अप्रैल 2025 से भारतीय रजिस्ट्रेशन वाले सभी विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर रखा है. इसमें वाणिज्यिक और सैन्य दोनों तरह के विमान शामिल हैं. यह प्रतिबंध नियमित रूप से नोटम (NOTAM) जारी करके बढ़ाया जाता रहा है. घटना वाली रात भी यह प्रतिबंध प्रभावी था. हाल ही में जारी नए नोटम के अनुसार भारतीय विमानों पर लगाया गया यह प्रतिबंध जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया गया है. ऐसे में किसी भारतीय विमान का पाकिस्तान के फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन में प्रवेश करना सुरक्षा और कूटनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है.
लाहौर एयरस्पेस में प्रवेश करते ही मिली चेतावनी
सूत्रों के अनुसार विमान पाकिस्तान की सीमा के भीतर बहुत अधिक नहीं गया था और लगभग डेढ़ मील तक ही अंदर प्रवेश कर पाया था. जैसे ही विमान लाहौर फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन में दाखिल हुआ, वहां के एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने तुरंत चेतावनी जारी की. पायलट ने चेतावनी मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए विमान को वापस भारतीय हवाई क्षेत्र की ओर मोड़ दिया. विमान सुरक्षित रूप से भारतीय सीमा में लौट आया और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचाव हो गया.
भारतीय सीमा में लौटने के बाद भी जारी रही परेशानी
भारतीय एयरस्पेस में लौटने के बाद भी विमान की मुश्किलें समाप्त नहीं हुईं. उस समय अमृतसर एयरपोर्ट पर हवाई यातायात सामान्य से अधिक था, जिसके कारण विमान को तुरंत उतरने की अनुमति नहीं मिल सकी. काफी देर तक विमान अमृतसर के आसपास हवा में चक्कर लगाता रहा. एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने स्थिति को देखते हुए विमान को दिल्ली वापस लौटने का निर्देश दिया. इसके बाद विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली एयरपोर्ट पर उतारा गया.
चार घंटे की देरी के बाद अमृतसर पहुंची फ्लाइट
दिल्ली में तकनीकी और परिचालन संबंधी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद विमान को दोबारा अमृतसर के लिए रवाना किया गया. आखिरकार सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 2:20 बजे विमान अमृतसर एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गया. इस पूरी घटना के कारण यात्रियों को लगभग चार घंटे की अतिरिक्त देरी का सामना करना पड़ा. हालांकि राहत की बात यह रही कि विमान में सवार सभी यात्री और चालक दल पूरी तरह सुरक्षित रहे.
जांच में सामने आएगी असली वजह
एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि किसी एयरपोर्ट पर ट्रैफिक बढ़ने की स्थिति में विमानों को हवा में इंतजार करवाना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होता है. लेकिन इस मामले में मुख्य चिंता का विषय तकनीकी खराबी के कारण विमान का अपने निर्धारित मार्ग से भटक जाना है.
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