नई दिल्ली: क्रिकेट की दुनिया से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. अफगानिस्तान के तीन होनहार युवा क्रिकेटर हाल ही में पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में किए गए हवाई हमलों में मारे गए. यह घटना उस समय हुई जब ये युवा खिलाड़ी एक फ्रेंडली मैच खेलने के बाद एक स्थानीय सामुदायिक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे.
इस त्रासदी के बाद अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे “कायराना हरकत” करार दिया है और इसके विरोध में पाकिस्तान में आयोजित होने वाली आगामी त्रिकोणीय क्रिकेट श्रृंखला से हटने की घोषणा की है.
क्या हुआ था पक्तिका प्रांत में?
घटना 11 अक्टूबर 2025 के आसपास शुरू हुई जब अफगान और पाकिस्तानी सेनाओं के बीच डूरंड लाइन पर तनाव बढ़ गया. अफगान बलों द्वारा कथित तौर पर पाकिस्तानी चौकियों पर हमले किए गए, जिससे सीमा क्षेत्र में हिंसक झड़पें शुरू हो गईं. इन झड़पों में दर्जनों लोगों की मौत हुई.
इन घटनाओं के बाद दोनों देशों के बीच एक अस्थायी 48 घंटे का युद्धविराम घोषित किया गया था. लेकिन यह युद्धविराम तब टूट गया जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में हवाई हमले किए. इन हमलों का केंद्र अर्जुन और बर्मल जिले रहे, जो कि डूरंड लाइन के निकट स्थित हैं और मुख्य रूप से नागरिक इलाकों में शामिल हैं.
Statement of Condolence
— Afghanistan Cricket Board (@ACBofficials) October 17, 2025
The Afghanistan Cricket Board expresses its deepest sorrow and grief over the tragic martyrdom of the brave cricketers from Urgun District in Paktika Province, who were targeted this evening in a cowardly attack carried out by the Pakistani regime.
In… pic.twitter.com/YkenImtuVR
इसी दौरान इन तीन युवा क्रिकेटरों की भी जान चली गई. उस वक्त वे एक गैर-आधिकारिक क्रिकेट मैच खेल कर लौट रहे थे और एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे.
कौन थे ये युवा क्रिकेटर?
1. कबीर (Kabeer)
कबीर पक्तिका प्रांत के उरगुन जिले से ताल्लुक रखते थे. वे एक उभरते हुए ऑलराउंडर के रूप में अफगान घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके थे. उन्होंने कई क्लब स्तरीय मैचों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था और उनका सपना था कि वे अफगानिस्तान की राष्ट्रीय टीम में शामिल होकर मोहम्मद नबी जैसे ऑलराउंडर बनें.
2. सिबगातुल्ला (Sibghatullah)
सिबगातुल्ला भी पक्तिका क्षेत्र से ही संबंध रखते थे. वे मुख्य रूप से स्पिन गेंदबाज़ी में दक्ष थे और वर्तमान अफगान टीम के कप्तान राशिद खान को अपना आदर्श मानते थे. राशिद की तरह ही वे इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी जगह बनाना चाहते थे. उनके कोचों का कहना है कि वे बहुत मेहनती और अनुशासित खिलाड़ी थे जिनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की काबिलियत थी.
3. हारून खान (Haroon Khan)
हारून खान, जिनका जन्म 15 मार्च 2006 को काबुल में हुआ था, अफगानिस्तान की नई क्रिकेट पीढ़ी के सबसे होनहार बल्लेबाज़ों में से एक माने जा रहे थे. उन्होंने क्लब लेवल और एज-ग्रुप टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी पहचान बनाई थी. वे दाएं हाथ के तकनीकी बल्लेबाज़ थे और पहले ही लिस्ट-ए, टी20 और फर्स्ट-क्लास मैचों में हिस्सा ले चुके थे. उनका लक्ष्य था अफगान नेशनल टीम में स्थान बनाना.
क्रिकेट से बदलना चाहते थे देश की छवि
इन तीनों खिलाड़ियों की उम्र 17 से 20 वर्ष के बीच थी. उन्होंने अफगानिस्तान में क्रिकेट को एक सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम समझा था. जब देश राजनीतिक और सुरक्षा अस्थिरता से जूझ रहा था, तब क्रिकेट उनके लिए आशा की किरण थी.
वे न केवल अपने लिए, बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके थे. उनके कोचों, साथियों और स्थानीय क्रिकेट संघों ने उन्हें समर्पित, विनम्र और मेहनती खिलाड़ी बताया है.
ACB का पाकिस्तान में खेलने से इनकार
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इन हमलों की कड़ी आलोचना करते हुए एक आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें इसे "निहत्थे नागरिकों और युवाओं पर किया गया अमानवीय और कायराना हमला" बताया गया. इस घटना के तुरंत बाद ACB ने पाकिस्तान में आयोजित होने जा रही त्रिकोणीय श्रृंखला से हटने की घोषणा कर दी, जिसमें अफगानिस्तान को श्रीलंका और पाकिस्तान के साथ खेलना था.
यह सीरीज 5 नवंबर से 29 नवंबर तक लाहौर और रावलपिंडी में आयोजित होनी थी. ACB के इस फैसले को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बिरादरी में भी गंभीरता से देखा जा रहा है, और कई देशों ने इस घटना पर चिंता व्यक्त की है.
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