चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (AAP) ने आगामी पंजाब राज्यसभा उपचुनाव के लिए उद्योगपति राजिंदर गुप्ता को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है. यह उपचुनाव 24 अक्टूबर 2025 को होने जा रहा है. पार्टी द्वारा यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब अटकलें तेज थीं कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उच्च सदन भेजा जा सकता है. हालांकि, AAP ने स्पष्ट कर दिया है कि यह सीट पंजाब से जुड़े किसी नए और योग्य चेहरे को दी जाएगी, और अंततः राजिंदर गुप्ता का चयन किया गया.
यह सीट AAP नेता संजीव अरोड़ा के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी. अरोड़ा ने हाल ही में लुधियाना वेस्ट विधानसभा उपचुनाव में जीत दर्ज कर विधानसभा की सदस्यता ले ली है. उन्होंने यह चुनाव 10,637 वोटों के अंतर से जीता, जिसमें उन्हें कुल 35,179 वोट प्राप्त हुए. वर्तमान में वे पंजाब सरकार में उद्योग मंत्री के पद पर कार्यरत हैं. उनके इस्तीफे से रिक्त हुई राज्यसभा सीट पर अब चुनाव कराया जा रहा है.
कौन हैं राजिंदर गुप्ता?
राजिंदर गुप्ता एक प्रख्यात उद्योगपति हैं और ट्राइडेंट ग्रुप के संस्थापक तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रह चुके हैं. वे पंजाब सरकार में इकोनॉमिक पॉलिसी एंड प्लानिंग बोर्ड के वाइस चेयरमैन के तौर पर भी अपनी सेवाएं दे रहे थे. हालांकि, राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने से पहले उन्होंने इस सरकारी पद से इस्तीफा दे दिया है.
AAP के सूत्रों के अनुसार, गुप्ता एक अनुभवी और सम्मानित उद्योगपति हैं, जिन्होंने भारत और विदेशों में लाखों लोगों को रोजगार देने में योगदान दिया है. वे हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के पूर्व छात्र भी हैं. पार्टी का कहना है कि गुप्ता को राज्यसभा भेजने का निर्णय उनके राज्य और राष्ट्र के विकास में योगदान के मद्देनज़र लिया गया है.
नामांकन 6 अक्टूबर को होगा
सूत्रों के अनुसार, 6 अक्टूबर को चंडीगढ़ स्थित पंजाब विधानसभा परिसर में राजिंदर गुप्ता अपना नामांकन पत्र भर सकते हैं. इस प्रक्रिया के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान भी उपस्थित रहेंगे. पार्टी की ओर से यह फैसला न केवल एक राजनीतिक रणनीति है, बल्कि राज्य में उद्योग, रोजगार और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने का एक प्रतीकात्मक प्रयास भी माना जा रहा है.
कमल ओसवाल का नाम भी था चर्चा में
उपचुनाव के लिए नामों पर विचार करते हुए औद्योगपति कमल ओसवाल का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल था. हालांकि, अंतिम निर्णय राजिंदर गुप्ता के पक्ष में हुआ. AAP ने यह संदेश स्पष्ट किया कि राज्यसभा उम्मीदवार के चयन में क्षेत्रीय जड़ें, उद्योग क्षेत्र में योगदान, और राज्य के आर्थिक विकास में भूमिका जैसे कारकों को प्राथमिकता दी गई है.
केजरीवाल को लेकर अटकलें और पार्टी की स्पष्टता
संजीव अरोड़ा के इस्तीफे के बाद यह अनुमान लगाया जा रहा था कि पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को राज्यसभा भेजा जा सकता है, विशेषकर केंद्र की राजनीति में उनके बढ़ते हस्तक्षेप को देखते हुए. लेकिन AAP ने ऐसी सभी अटकलों को नकारते हुए स्पष्ट किया कि यह सीट पंजाब के किसी प्रमुख नागरिक को ही दी जाएगी.
पार्टी के नेताओं ने कहा कि राज्यसभा में ऐसे व्यक्ति की आवश्यकता है, जो न केवल राज्य का प्रतिनिधित्व कर सके, बल्कि पंजाब की सामाजिक-आर्थिक समस्याओं की भी गहरी समझ रखता हो.
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