नेपाल की सुरंग में फंसे 400 लोग, बचाने पहुंची भारत की विशेषज्ञ टीम, रेस्क्यू अभियान शुरू

Nepal Rescue Operations India: नेपाल में बाढ़ के बाद अब लोगों की तलाश और बचाव का काम जारी है. सबसे बड़ी परेशानी सुरंगों में फंसे लोगों को बाहर निकालने में आ रही है. इसके लिए भारत और चीन ने अपनी विशेषज्ञ टीमें नेपाल भेजी हैं.

400 people trapped tunnel in Nepal Indian expert team arrives to help rescue operation
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Nepal Rescue Operations India: नेपाल में बाढ़ के बाद अब लोगों की तलाश और बचाव का काम जारी है. सबसे बड़ी परेशानी सुरंगों में फंसे लोगों को बाहर निकालने में आ रही है. इसके लिए भारत और चीन ने अपनी विशेषज्ञ टीमें नेपाल भेजी हैं. भारत की तकनीकी टीम बाढ़ प्रभावित इलाके में पहुंच गई है और अपर त्रिशूली पनबिजली परियोजना की सुरंगों का जायजा ले रही है. इन सुरंगों में 400 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका है.

नेपाल में भारतीय दूतावास ने शनिवार को बताया कि भारत की विशेष तकनीकी टीम ने अचानक आई बाढ़ से प्रभावित इलाके में पनबिजली सुरंगों का हेलीकॉप्टर से निरीक्षण किया. टीम ने मौके पर पहुंचकर अपना काम शुरू कर दिया है. इसका मकसद सुरंगों में फंसे लोगों की जल्द तलाश करना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है.

नेपाली सेना की मदद कर रहे भारतीय विशेषज्ञ

भारतीय सुरंग विशेषज्ञ रसुवा में त्रिशूली-3ए पनबिजली परियोजना की सुरंग में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए नेपाली सेना की मदद कर रहे हैं. टीम ने चिलिमे और लांगटांग इलाकों का भी जायजा लिया है. जरूरत पड़ने पर इन इलाकों में भी बचाव अभियान चलाने की योजना बनाई जा रही है.

नेपाल के रसुवागढ़ी इलाके में बाढ़ से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. चीन की सीमा से लगे इस इलाके में कई पनबिजली परियोजनाओं में काम करने वाले करीब 1,000 लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है. नेपाल के ऊर्जा मंत्रालय ने करीब 400 लोगों के अलग-अलग परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे होने की आशंका जताई है.

अपर त्रिशूली-1 की सुरंग में सबसे ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका

नेपाल के ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, अपर त्रिशूली-1 पनबिजली परियोजना की सुरंग में सबसे ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका है. बुधवार को आई बाढ़ के बाद अलग-अलग पनबिजली परियोजनाओं में काम करने वाले करीब 1,000 लोगों से संपर्क टूट गया है. इनमें अकेले अपर त्रिशूली-1 की सुरंग में करीब 400 लोगों के होने की आशंका है.

ऊर्जा मंत्रालय के प्रवक्ता शाक्य ने बताया कि रसुवागढ़ी पनबिजली परियोजना में काम करने वाले 93 लोग लापता हैं. वहीं अपर त्रिशूली-3ए परियोजना से जुड़े 43 लोग लापता बताए जा रहे हैं और करीब 30 लोगों के सुरंग के अंदर होने की आशंका है. नेपाल विद्युत प्राधिकरण के मुताबिक, इस परियोजना का कैंप भूस्खलन के मलबे में पूरी तरह दब गया है.

नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही

नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से भारी नुकसान हुआ है. शनिवार तक मरने वालों की संख्या 626 पहुंच गई, जबकि करीब 2,000 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. नेपाल सरकार को बाढ़ से हुई तबाही के बाद देश के पुनर्निर्माण के लिए बड़ी रकम की जरूरत पड़ सकती है. 

वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले के शुरुआती अनुमान के मुताबिक, पुनर्निर्माण में करीब 4 से 5 अरब डॉलर तक खर्च हो सकते हैं. इस बीच भारत और चीन की विशेषज्ञ टीमें सुरंगों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार काम कर रही हैं.

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