15 वर्षीय इलेषा सिंह ने कमानी ऑडिटोरियम में किया पहला कुचिपुड़ी रंगप्रवेशम्, दिग्गज हस्तियों ने की सराहना

Ilesha Singh: शास्त्रीय नृत्य की दुनिया में एक खास उपलब्धि हासिल करते हुए 15 वर्षीय इलेषा सिंह ने शनिवार, 1 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के प्रतिष्ठित कमानी ऑडिटोरियम में अपना पहला कुचिपुड़ी रंगप्रवेशम् प्रस्तुत किया. वर्षों की मेहनत, अनुशासन और कठिन प्रशिक्षण के बाद इलेषा ने अपनी इस पहली एकल प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया.

15-year-old Ilesha Singh performs her debut Kuchipudi Rangapravesham at Kamani Auditorium
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Ilesha Singh: शास्त्रीय नृत्य की दुनिया में एक खास उपलब्धि हासिल करते हुए 15 वर्षीय इलेषा सिंह ने शनिवार, 1 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के प्रतिष्ठित कमानी ऑडिटोरियम में अपना पहला कुचिपुड़ी रंगप्रवेशम् प्रस्तुत किया. वर्षों की मेहनत, अनुशासन और कठिन प्रशिक्षण के बाद इलेषा ने अपनी इस पहली एकल प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया.

इस खास मौके पर शास्त्रीय नृत्य जगत से जुड़े कई दिग्गजों, विशिष्ट अतिथियों और गणमान्य लोगों की मौजूदगी रही. सभी ने इलेषा की प्रस्तुति और उनकी कला साधना की जमकर प्रशंसा की.

भक्ति और कला से सजी रही प्रस्तुति

इलेषा के रंगप्रवेशम् की शुरुआत भगवान वेंकटेश्वर को समर्पित वेंकटेश स्तोत्रम् से हुई. इस प्रस्तुति में भक्ति और समर्पण का भाव देखने को मिला. इसके बाद उन्होंने दशावतारम् प्रस्तुत किया, जिसमें भगवान विष्णु के दस अवतारों को शानदार अभिनय और नृत्य के माध्यम से दिखाया गया.

इसके बाद सांसों की माला में इलेषा ने भावपूर्ण अभिनय के जरिए प्रेम, भक्ति और विरह की भावनाओं को प्रस्तुत किया. कार्यक्रम का समापन शिव तरंगिणी से हुआ, जिसमें उन्होंने भगवान शिव की महिमा को नृत्य के माध्यम से दर्शाया. इस प्रस्तुति में इलेषा ने पीतल की थाली के किनारे पर नृत्य करते हुए कुचिपुड़ी की कठिन तकनीकों और लय पर अपनी मजबूत पकड़ का प्रदर्शन किया.

जयंत चौधरी ने दी शुभकामनाएं

इलेषा की इस उपलब्धि पर केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने उन्हें शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि इलेषा की यह यात्रा साढ़े चार वर्ष की उम्र से शुरू हुई थी और इसमें अनुशासन, लगातार मेहनत और शास्त्रीय नृत्य के प्रति गहरा समर्पण रहा है. उन्होंने इलेषा के गुरु डॉ. राजा रेड्डी, डॉ. राधा रेड्डी और श्रीमती कौशल्या रेड्डी के मार्गदर्शन के लिए आभार जताया.

साढ़े चार साल की उम्र से सीख रही हैं कुचिपुड़ी

इलेषा सिंह ने पद्म भूषण से सम्मानित डॉ. राजा एवं डॉ. राधा रेड्डी और श्रीमती कौशल्या रेड्डी से कुचिपुड़ी का प्रशिक्षण लेना शुरू किया था. इतनी कम उम्र में रंगप्रवेशम् पूरा करना उनकी कड़ी मेहनत और कला के प्रति लगाव को दिखाता है. उनका यह पहला एकल मंच प्रदर्शन कुचिपुड़ी नृत्यांगना के रूप में उनकी औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है.

कई बड़ी हस्तियां रहीं मौजूद

इलेषा के रंगप्रवेशम् कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री, सांसद, पूर्व सांसद, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, मीडिया जगत की हस्तियां और कला एवं डिजाइन क्षेत्र से जुड़े कई लोग मौजूद रहे. कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर, राज्यसभा सांसद आरपीएन सिंह, राज्यसभा सांसद और बीसीसीआई के मानद उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए. इसके अलावा कई सांसदों, पूर्व राजघरानों के सदस्यों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया.

कला परंपरा को आगे बढ़ाने की प्रेरणा

इलेषा सिंह की यह प्रस्तुति भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा के प्रति युवा पीढ़ी के बढ़ते जुड़ाव को दिखाती है. उनकी सफलता उनके गुरुओं के मार्गदर्शन, परिवार के सहयोग और वर्षों की मेहनत का परिणाम है. उनका यह रंगप्रवेशम् आने वाले युवा कलाकारों के लिए भी प्रेरणा माना जा रहा है.

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