UP के 1.5 लाख युवाओं के लिए खुशखबरी! मुफ्त मिलेगी फाइनेंशियल स्किल्स ट्रेनिंग, NSE से हुआ बड़ा समझौता

उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार योग्य बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही योगी सरकार अब एक कदम आगे बढ़ गई है. सरकार का उद्देश्य केवल युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर नौकरी तक पहुंचाना नहीं है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना भी है.

1.5 lakh youths in UP to receive free financial skills training MoU NSE and UPSDM
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार योग्य बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही योगी सरकार अब एक कदम आगे बढ़ गई है. सरकार का उद्देश्य केवल युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर नौकरी तक पहुंचाना नहीं है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना भी है. इसी सोच को साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के बीच शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए. इस पहल के जरिए प्रदेश के लाखों युवाओं को वित्तीय समझ और निवेश संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी.

1.5 लाख युवाओं को मिलेगी स्पेशल ट्रेनिंग

मिशन निदेशक पुलकित खरे की पहल पर पहली बार कौशल प्रशिक्षण को वित्तीय शिक्षा के साथ जोड़ा जा रहा है. इस साझेदारी के तहत यूपीएसडीएम तथा दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू जीकेवाई) के अंतर्गत प्रदेश भर के 1000 से अधिक प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 1.5 लाख से ज्यादा युवाओं को अगले सप्ताह से फाइनेंशियल स्किलिंग की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी. इसका उद्देश्य युवाओं को कमाई के साथ-साथ धन प्रबंधन की समझ भी देना है.

वित्तीय जागरूकता पर आयोजित हुई कार्यशाला

एमओयू से पहले मिशन मुख्यालय स्थित सभागार में फाइनेंशियल लिटरेसी एंड अवेयरनेस वर्कशॉप का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को वित्तीय जागरूकता तथा आर्थिक निर्णय क्षमता के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. कार्यक्रम में मिशन निदेशक पुलकित खरे भी मौजूद रहे. उन्होंने कहा कि आज ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाओं और आर्थिक अनिश्चितताओं के दौर में युवाओं को वित्तीय शिक्षा देना समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है. इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए फाइनेंशियल स्किलिंग ट्रेनिंग शुरू करने का निर्णय लिया गया है.

वित्तीय सफलता के बताए गए 12 मूल मंत्र 

कार्यशाला के दौरान एनएसई के अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से वित्तीय सफलता के 12 मूल मंत्र साझा किए. उन्होंने बताया कि व्यक्ति को सबसे पहले अपने भविष्य के लिए बचत करनी चाहिए. आय से कम खर्च करना, आपातकालीन फंड तैयार रखना, अधिक ब्याज वाले ऋण से बचना और नियमित निवेश करना आर्थिक मजबूती की बुनियाद है. इसके अलावा निवेश में विविधता, जोखिम और रिटर्न की समझ, टैक्स प्लानिंग, आवश्यक बीमा और लॉन्ग टर्म एसेट्स में निवेश जैसे पहलुओं पर भी विस्तार से जानकारी दी गई.

सारथी एप देगा डिजिटल मार्गदर्शन

कार्यशाला में कर्मचारियों को सारथी एप (SaaRthi App) के बारे में भी जानकारी दी गई. यह निवेश शिक्षा के लिए विकसित किया गया एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो उपयोगकर्ताओं को निवेश संबंधी शैक्षणिक वीडियो, वित्तीय योजना बनाने के टूल्स, कैलकुलेटर और फाइनेंशियल हेल्थ चेकअप जैसी सुविधाएं प्रदान करता है. इसका उद्देश्य लोगों को डिजिटल माध्यम से वित्तीय रूप से अधिक जागरूक बनाना है.

रोजगार के साथ आर्थिक समझ भी होगी विकसित

इस एमओयू को प्रदेश के युवाओं के जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाली पहल माना जा रहा है. कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार हासिल करने वाले युवा अब केवल आय अर्जित करने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे यह भी समझ पाएंगे कि पहली सैलरी का सही उपयोग कैसे करना है, बजट और बचत की शुरुआत कैसे करनी है तथा निवेश कब और कहां करना चाहिए. साथ ही वे अनावश्यक ऋण से बचने और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा तैयार करने के तरीकों को भी सीख सकेंगे.

आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल युवाओं को केवल नौकरी पाने वाला नहीं बल्कि आर्थिक रूप से सक्षम और जिम्मेदार नागरिक बनाने में मदद करेगी. स्किल ट्रेनिंग के साथ फाइनेंशियल इंटेलीजेंस का यह मॉडल युवाओं को रोजगार से आगे बढ़ाकर आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह पर ले जाएगा. इससे उनकी निर्णय क्षमता बेहतर होगी और वे भविष्य की वित्तीय चुनौतियों का सामना अधिक आत्मविश्वास के साथ कर सकेंगे.

मिशन निदेशक ने बताई पहल की अहमियत

कार्यक्रम में अपर मिशन निदेशक पूजा मिश्रा, जॉइंट डायरेक्टर मयंक गंगवार, वित्त नियंत्रक संदीप कुमार, असिस्टेंट डायरेक्टर एम के सिंह, असिस्टेंट डायरेक्टर पवित्रा टंडन सहित मिशन के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे. वहीं एनएसई की ओर से चीफ रेग्युलेटरी ऑफिसर अंकित शर्मा, वाइस प्रेसिडेंट जोगिंदर सिंह और यूपी रीजन की सीनियर इंचार्ज श्रुति शर्मा भी शामिल हुईं. मिशन निदेशक पुलकित खरे ने कहा कि कौशल विकास का वास्तविक उद्देश्य तब तक अधूरा है, जब तक युवा अपनी कमाई का सही उपयोग और प्रबंधन करना नहीं सीखते. उनके अनुसार रोजगार पाना जरूरी है, लेकिन उससे भी अधिक आवश्यक वित्तीय रूप से समझदार बनना है और एनएसई के साथ यह साझेदारी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

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