असीम मुनीर के हाथों में बर्बाद हुआ पाकिस्तान, सामने आई चौंकाने वाली रिपोर्ट, 12 सालों में सबसे अधिक हमले

Pakistan Terrorism: पाकिस्तान में सितंबर 2026 के दौरान आतंकी हिंसा में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली. पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (PICSS) के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में देशभर में 225 आतंकी हमले दर्ज किए गए.

12-year record terror in Pakistan broken 225 attacks in September army targeted
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Pakistan Terrorism: पाकिस्तान में सितंबर 2026 के दौरान आतंकी हिंसा में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली. पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (PICSS) के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में देशभर में 225 आतंकी हमले दर्ज किए गए. यह पिछले 12 साल में किसी एक महीने में दर्ज सबसे ज्यादा हमले हैं. अगस्त में 199 हमले हुए थे, यानी सितंबर में इसमें करीब 13 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.

PICSS के अनुसार, सितंबर लगातार तीसरा महीना रहा जब पाकिस्तान में आतंकी हमलों की संख्या बढ़ी. इन हमलों में 259 लोगों की मौत हुई और 242 लोग घायल हुए. अगस्त में हमलों से 158 लोगों की मौत और 181 लोग घायल हुए थे. यानी सितंबर में हमलों में हुई मौतों में 64 फीसदी और घायलों की संख्या में 34 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.

सितंबर में सुरक्षा बलों पर भी बढ़ा दबाव

PICSS के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में आतंकी हमलों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई को मिलाकर कुल 545 लोगों की मौत हुई और 261 लोग घायल हुए. मरने वालों में 103 सुरक्षाकर्मी, 81 आम नागरिक, 15 शांति समितियों से जुड़े लोग और 346 आतंकी शामिल थे.

आंकड़ों से पता चलता है कि इस दौरान सुरक्षा बलों पर भी काफी दबाव रहा. सितंबर में 103 सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई, जो हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों के लिए सबसे ज्यादा जानलेवा महीनों में से एक रहा. इसी दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में बड़ी संख्या में आतंकियों के मारे जाने की भी जानकारी दी गई है.

पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर ने 22 सितंबर को कहा था कि देश के सशस्त्र बल आतंकवाद को हराने के अपने संकल्प पर कायम हैं. इसके बावजूद सितंबर के आंकड़े बताते हैं कि देश में हिंसा का दबाव बना हुआ है.

बलूचिस्तान सबसे ज्यादा प्रभावित

सितंबर में बलूचिस्तान हिंसा से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र रहा. यहां 131 आतंकी हमले दर्ज किए गए, जबकि अगस्त में 89 हमले हुए थे. यानी एक महीने में हमलों की संख्या करीब 47 फीसदी बढ़ गई. बलूचिस्तान में आतंकी हमलों से होने वाली मौतें भी अगस्त के 76 से बढ़कर सितंबर में 135 हो गईं.

खैबर पख्तूनख्वा भी आतंकी गतिविधियों का बड़ा केंद्र बना रहा. यहां पुलिस और सुरक्षा ठिकानों को निशाना बनाकर कई हमले किए गए. 26 सितंबर को डेरा इस्माइल खान में पुलिस चेकपॉइंट के पास हुए आत्मघाती हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई थी. हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने ली थी.

आत्मघाती हमलों में भी बढ़ी मौतें

PICSS के मुताबिक, सितंबर में पाकिस्तान में तीन आत्मघाती हमले हुए. इनमें दो हमले वाहन के जरिए किए गए थे. इन घटनाओं में 45 लोगों की मौत हुई और 138 लोग घायल हुए. अगस्त में भी तीन आत्मघाती हमले हुए थे, लेकिन उनमें 20 लोगों की मौत और 31 लोग घायल हुए थे.

सितंबर में आतंकी घटनाओं से जुड़े अपहरण के मामले भी बढ़े. PICSS ने ऐसे 72 अपहरण दर्ज किए, जो पिछले एक दशक में किसी एक महीने का सबसे बड़ा आंकड़ा है.

कुल मिलाकर सितंबर के आंकड़े पाकिस्तान में बढ़ती आतंकी हिंसा और सुरक्षा बलों के सामने मौजूद चुनौती को दिखाते हैं. बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में लगातार हो रही घटनाओं के बीच अब सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के सामने हिंसा पर काबू पाने की बड़ी चुनौती बनी हुई है.

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