Nepal Floods: नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद 105 भारतीय पर्यटकों के लापता होने की खबर है. इनमें 31 तीर्थयात्री भी शामिल हैं, जो मानसरोवर यात्रा पर जा रहे थे. नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, लापता भारतीय पर्यटकों की जानकारी जुटाई जा रही है. नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, बाढ़ के बाद करीब 400 पर्यटक लापता हैं. इनमें 291 विदेशी पर्यटक हैं, जबकि 90 से ज्यादा नेपाल के नागरिक हैं.
कई देशों के पर्यटक भी लापता
नेपाल न्यूज के मुताबिक, लापता भारतीयों में 37 प्रवासी भारतीय भी शामिल हैं. इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक भी लापता बताए जा रहे हैं.
नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, लापता भारतीयों में 59 लोग स्मार्ट ट्रेवेल्स के साथ यात्रा कर रहे थे. वहीं 46 पर्यटक लीफ हॉलिडे के जरिए नेपाल घूमने गए थे. नेपाल सरकार ने पर्यटकों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 1144 जारी किया है.
कस्टम ऑफिस के 14 कर्मचारी भी लापता
नेपाली मीडिया के मुताबिक, रसुवा के तिमुरे स्थित कस्टम ऑफिस के 14 कर्मचारी अभी तक संपर्क में नहीं आए हैं. इनमें 11 स्थायी और 3 संविदा कर्मचारी हैं. हालांकि, कस्टम ऑफिस के प्रमुख राजेंद्र ढुंगाना समेत 25 कर्मचारियों का पता चल गया है.
वहीं, 20 मेगावाट की लांगटांग खोला जलविद्युत परियोजना से जुड़े 60 लोग भी लापता बताए जा रहे हैं. बाढ़ में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है और 7 शव बरामद किए गए हैं. राहत और बचाव के लिए नेपाल सरकार ने हेलीकॉप्टर और ड्रोन लगाए हैं.
12 लोगों को हेलीकॉप्टर से निकाला गया
नेपाली सेना के मुताबिक, अब तक 12 लोगों को हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित निकाला गया है. इनमें 6 लोगों को स्याफ्रुबेसी, 2 को मैलुंग और 4 लोगों को धुन्चे से बचाया गया. बचाव अभियान में नेपाली सेना के 4 और निजी कंपनियों के 8 हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं. इसके अलावा बाढ़ में फंसे 5 अन्य लोगों को भी सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है.
शुरुआत में बचाव अभियान के लिए सेना के 35 जवानों को प्रभावित इलाकों में भेजा गया. सरकार ने 3 जिलों को बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित घोषित किया है. कैबिनेट की बैठक में भी राहत और बचाव अभियान को लेकर चर्चा हुई है.
1000 लोगों के बहने की आशंका, 60 से ज्यादा घर तबाह
तिब्बत की ओर से भोटेकोशी नदी के रास्ते नेपाल में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. करीब 1000 लोगों के बहने की आशंका जताई जा रही है. वहीं नुवाकोट में त्रिशूली बाजार के पास करीब 60 घर बाढ़ के पानी में बह गए हैं.
बाढ़ के कारण दो मोटर चलने वाले पुलों को भी नुकसान पहुंचा है. देवघाट इलाके में भी बाढ़ का असर देखा गया है. इसके अलावा 300 से ज्यादा वाहनों के बहने का अनुमान है. बाढ़ से त्रिशूली और देवघाट जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा 25 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट के तीन ब्लॉक और एक सब-स्टेशन भी बाढ़ में बह गए हैं.
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