गणतंत्र दिवस के ठीक पहले भारत में एक बड़ी आतंकवादी साजिश को नाकाम कर दिया गया है. राजस्थान के नागौर जिले में रविवार, 25 जनवरी को पुलिस ने एक मकान से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की, जिससे देश में किसी बड़ी घटना को अंजाम दिए जाने का खतरा था. इस कार्रवाई ने सुरक्षा एजेंसियों को एक बार फिर आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ सतर्क कर दिया है.
नागौर में छापा और विस्फोटक की बरामदगी
राजस्थान पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर नागौर पुलिस की विशेष टीम ने जिले के थानवला गांव स्थित आरोपी सुलेमान खान के घर पर छापा मारा. इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने 9,550 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट जब्त किया, जो 187 कार्टन में पैक था. इसके साथ ही, 9 कार्टन डेटोनेटर, नीले रंग के तार के 15 बंडल, लाल रंग के तार के 9 बंडल, और अन्य विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई. यह सामग्री उस समय नागौर में बड़ी आतंकवादी साजिश को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल की जा सकती थी, लेकिन समय रहते उसे रोक लिया गया.
आरोपी की गिरफ्तारी और आपराधिक मामले
पुलिस के अनुसार, आरोपी सुलेमान खान ने इस विस्फोटक सामग्री को अपने खेत में छिपा रखा था. छापेमारी के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. इसके अलावा, नागौर के एसपी मृदुल कछवा ने बताया कि आरोपी सुलेमान के खिलाफ पहले भी विस्फोटक अधिनियम के तहत तीन मामले दर्ज किए जा चुके हैं. ये मामले नागौर के थानवला, पादुक्कल्लन और अलवर के चौपसनी क्षेत्र में दर्ज हैं. अब, सुलेमान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और विस्फोटक अधिनियम, 1884 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
केंद्रीय एजेंसियों से पूछताछ का संभावना
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह केवल एक स्थानीय अपराध नहीं हो सकता, बल्कि इस बड़ी साजिश के पीछे किसी आतंकवादी नेटवर्क का हाथ हो सकता है. विशेष रूप से यह देखते हुए कि सुलेमान खान खदान मालिकों को विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति करता था, सुरक्षा एजेंसियां उससे और पूछताछ कर सकती हैं. इन विस्फोटक सामग्रियों की भारी मात्रा को देखते हुए, पुलिस को यह संदेह है कि वह किसी बड़ी योजना का हिस्सा हो सकता है. इसके लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों से भी मदद ली जा सकती है.
अमोनियम नाइट्रेट से जुड़ी खतरनाक घटनाएं
अमोनियम नाइट्रेट एक शक्तिशाली विस्फोटक पदार्थ है, जिसका इस्तेमाल कई बड़े विस्फोटों में किया गया है. पहले भी इस सामग्री का उपयोग कई आतंकवादी घटनाओं में हो चुका है. एक प्रमुख उदाहरण दिल्ली के लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुआ विस्फोट है, जिसमें अमोनियम नाइट्रेट का ही इस्तेमाल किया गया था. इसके अलावा, दिसंबर 2025 में राजस्थान के नाथद्वारा में अवैध विस्फोटकों से भरी एक पिकअप ट्रक को पुलिस ने जब्त किया था, जिससे लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में तबाही मचाई जा सकती थी. उस घटना में भी पुलिस ने भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की थी, जिसमें 2.78 किलोग्राम वजन के आईसीएल प्राइम एक्स विस्फोटक के 83 पैकेट शामिल थे.
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