न खरीदें, न बेचें... मध्य प्रदेश के इस जिले में कफ सिरप पर लगी रोक, CMHO ने जारी की एडवाइजरी

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में कफ सिरप के सेवन से 10 बच्चों की मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. इस घटना के बाद उज्जैन में भी कफ सिरप को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है. सीएमएचओ डॉ. अशोक पटेल ने बिना चिकित्सीय परामर्श के कफ सिरप देने से मना करते हुए एक अहम एडवाइजरी जारी की है.

10 children died from cough syrup in Chhindwara sale of phlegm syrup banned in Ujjain
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मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में कफ सिरप के सेवन से 10 बच्चों की मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. इस घटना के बाद उज्जैन में भी कफ सिरप को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है. सीएमएचओ डॉ. अशोक पटेल ने बिना चिकित्सीय परामर्श के कफ सिरप देने से मना करते हुए एक अहम एडवाइजरी जारी की है. इसके साथ ही मेडिकल स्टोर्स को भी इस सिरप की बिक्री रोकने के निर्देश दिए गए हैं.

10 बच्चों की मौत का दुखद सच

छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ और नेक्स्ट्रो-डीएस नामक कफ सिरप के सेवन से बच्चों की किडनी फेल होना और अंततः मौत की खबर ने हर किसी को चिंतित कर दिया है. इसी कारण मध्य प्रदेश सरकार ने तत्काल प्रभाव से इन सिरपों पर बैन लगा दिया है. इस कफ सिरप की वजह से बच्चों की जान गई, जिससे माता-पिता और स्थानीय लोग बेहद डर गए हैं.

उज्जैन में जारी सीएमएचओ की एडवाइजरी

डॉ. अशोक पटेल ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी कफ सिरप या दवा का सेवन न करें. साथ ही मेडिकल स्टोर्स को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना चिकित्सीय परामर्श के कफ सिरप न बेचें. इस कदम से बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है.

सीएम मोहन यादव हुए सख्त

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस मामले में सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है. उन्होंने ट्वीट कर बताया कि छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ सिरप के कारण हुई मौतों के बाद पूरे प्रदेश में इस सिरप की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है. इसके अलावा, कंपनी के अन्य उत्पादों की बिक्री पर भी रोक लगाने की प्रक्रिया चल रही है.

छिंदवाड़ा और उज्जैन में हालात

छिंदवाड़ा में इस हादसे के बाद लोगों में डर व्याप्त है और अब वे कफ सिरप खरीदने से कतरा रहे हैं. बच्चों की सेहत खराब होने पर परिवारों ने डॉक्टर से परामर्श लेना शुरू कर दिया है. मेडिकल स्टोर्स भी अब वायरल या अन्य बीमारियों के लिए कफ सिरप के स्थान पर अन्य दवाइयां देने लगे हैं.

डॉक्टरों के क्लीनिक में बढ़ी भीड़

उज्जैन के अस्पतालों और क्लीनिकों में 5 साल से कम उम्र के बच्चों को लेकर माता-पिता की भीड़ बढ़ गई है. चरक अस्पताल, पुष्पा मिशन और चैरिटेबल अस्पताल में परिजन सुबह से लेकर देर रात तक बच्चों का इलाज करवा रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों को बिना सलाह के दवाइयां देना खतरनाक हो सकता है, इसलिए उचित जांच और इलाज बेहद जरूरी है.

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