नई दिल्ली, न्यूज डेस्क: ठंड दिन पर दिन बढ़ती जा रही है. ऐसे में देश के कुछ हिस्सों में बर्फबारी हो रही है तो कहीं ठंड़ी हवाएं चल रही हैं. इस बीच मौसम विभाग (IMD) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रहा है. दरअसल भारत में मौसम के पूर्वानुमानों की सटीकता बढ़ाने के लिए मौसम विभाग ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) आधारित जलवायु मॉडल (Climate Model) बनाने के लिए परीक्षण कर रहा है. एक शीर्ष मौसम अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक इस मॉडल के तहत भारी बारिश, बाढ़ और सूखे जैसी कुदरती आपदाओं का बेहतर और सटीक पूर्वानुमान किया जा सकेगा.
ग्लोबल वार्मिंग की वजह से उतार-चढ़ाव
दुनिया की तरह भारत में भी ग्लोबल वॉर्मिंग की वजह से साल दर साल मौसम में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. इससे मौसमी आपदाओं की बारंबारता और सघनता भी बढ़ी है. सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट के अनुमान के मुताबिक इस साल मौसमी आपदाओं की वजह से 3,000 से ज्यादा लोगों की जान गई है. ऐसे में दुनिया भर की मौसम एजेंसियां ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर ध्यान केंद्रित कर रही है. एजेंसियों का मानना है कि ये गति में सुधार ला सकती है. ब्रिटेन के एक मौसम कार्यालय का कहना है कि एआई मौसम की भविष्यवाणी में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है.
क्यों जरूरी है AI मॉडल?
भारत की एजेंसियों का मानना है कि AI मॉडल सटीक मौसम पूर्वानुमान में मदद कर सकता है. ये भारत के लिए बेहद जूरूरी है क्योंकि 1.4 अरब लोगों के इस देश में बड़ी संख्या में गरीब लोग हैं. वहीं यहां यह चावल, गेंहू और चीनी का दूसरा सबसे बड़ा उत्पाद होता है. मौसम की वजह से फसल खराब हो जाती है और काफी नुकसान उठान पड़ता है. आईएमडी सुपर कंप्यूटर का उपयोग करके पूर्वानुमान प्रदान करता है. वहीं एआई का उपयोग कम लागत पर सटीक पूर्वानुमान डेटा हासिल करने में मदद करेगा.