नई दिल्ली, भारत24 डिजिटल डेस्क: बेशक विरोधी नहीं मानें लेकिन यह 100 प्रतिशत सच है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) में कई खूबियां हैं, जो उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती हैं. उनकी कर्मठता की कायल तो पूरी दुनिया है. साथ ही बात रखने का अंदाज भी काफी निराला है, जिससे लोग नरेंद्र मोदी को सुनने के लिए लालायित रहते हैं. खासकर रैलियों और जनसभाओं में जुटने वाली भीड़ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को बयां कर देती है. 'मोदी द अनटोल्ड स्टोरी' में इस बार हम बता रहे हैं उनकी उस खूबी के बारे में जिसके लिए पीएम मोदी की खूब तारीफ भी होती है.
काम की निगरानी जरूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस कार्य की शुरुआत करते हैं तो उसकी निगरानी भी करते हैं. इतना ही नहीं समय-समय कार्य की प्रगति और उसमें आ रही अड़चन और कठिनाई की जानकारी भी लेते रहते हैं. इसके कई उदाहरण हैं. सेंट्रल विस्टा और नई संसद के भवन निर्माण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार सक्रिय रहे. यहां तक कि कोरोना वायरस संक्रमण के बावजूद वह कार्यों का निरीक्षण करते थे. एक बार तो पीएम मोदी ने विदेश दौरे से लौटने के साथ ही नए संसद भवन का औचक दौरा किया और विभिन्न कार्यों का निरीक्षण किया था. इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य में जुटे अधिकारियों को हिदायत भी दी. अब ये दोनों ही प्रोजेक्ट बनकर तैयार हैं और देश की राजधानी दिल्ली की शोभा बढ़ा रहे हैं.
ऊर्जा क्षेत्र में भी गहरी रुचि रखते हैं पीएम
पीएम मोदी न केवल संबंधित कार्य की निगरानी करते हैं और बल्कि समय-समय पर अधिकारियों से निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी भी लेते रहते हैं, यह कहना है कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal Minister of State for Power, Coal, New and Renewable Energy) का. उन्होंने बताया कि 5 जनवरी, 2015 में एलईडी बल्ब्स की एक स्कीम लॉन्च की गई थी और यह तो सब जानते ही हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्लाइमेट चेंज के साथ-साथ पर्यावरण और ऊर्जा क्षेत्र में भी गहरी रुचि रखते हैं. एलईडी बल्ब्स का प्रोग्राम लॉन्च हुआ था. लॉन्च होने के एक-दो महीने बाद मैं उनके घर गया.
पीएम की बातों पर अमल से बन गई बात
वहां पर मंत्रालय से संबंधित औपचारिक चर्चा के बाद घर जाने के लिए खड़ा हुआ तो उन्होंने पूछा कि स्कीम के तहत अब तक कितने एलईडी बिक गए? इस सवाल पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उनके पास इसको लेकर अभी कोई सटीक आंकड़ा नहीं है. इस पर पीएम मोदी ने समझाया कि कोई भी प्रोग्राम ऐसे ही लॉन्च नहीं होता है, बल्कि काम पर निगरानी रखनी पड़ती है. कार्य से जुड़े लोगों को जवाबदेय बनाओ. निगरानी करो. पीएम की नसीहत के बाद मैंने तुरंत ऑफिस जाकर टीम के लोगों को बुलाया और हिदायत दी. पीएम मोदी की बातों पर अमल करने का असर यह हुआ कि आगामी 3-4 वर्षों में ऐतिहासिक परिणाम देखने को मिला.