बड़े भूकंप के लिहाज से दिल्ली कितनी सुरक्षित? आपको चौंका देगी कुछ वर्ष पहले आई रिपोर्ट

दिल्ली हिमालयी क्षेत्र से भी नजदीक है, इसलिए भूकंप के झटके दिल्ली तक महसूस किए जाते हैं.

बड़े भूकंप के लिहाज से दिल्ली कितनी सुरक्षित? आपको चौंका देगी कुछ वर्ष पहले आई रिपोर्ट

नई दिल्ली, भारत24 डिजिटल डेस्क: भूकंप के झटकों से दिल्ली-एनसीआर के लोग फिर सहम गए. सोमवार रात को 11 बजकर 40 मिनट पर देश की राजधानी दिल्ली और इसके आसपास भूकंप के झटके महसूस किए गए, लेकिन हैरत की बात यह है कि एनसीआर में यह बेअसर रहा. वहीं, र‍िक्‍टर स्‍केल पर इसकी तीव्रता 7.2 मापी गई है. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (National Center for Seismology) के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र चीन के दक्षिणी शिनजियांग क्षेत्र में 80 किलोमीटर की गहराई में था.

उधर, सोमवार देर रात आए भूकंप के इन झटकों ने लोगों की नींद उड़ा दी. दिल्ली के कुछ इलाकों में तो लोग घबराकर अपने घरों से बाहर आ गए. भूकंप के झटके सीमा पार अफगानिस्तान और पाकिस्तान में भी महसूस किए गए. दरअसल, दिल्ली हिमालयी क्षेत्र से भी नजदीक है, इसलिए भूकंप के झटके दिल्ली तक महसूस किए जाते हैं.

दिल्ली में भी आ सकता है बड़ा भूकंप

वैज्ञानिकों के अनुसार, देश की राजधानी वैसे तो किसी बड़ी फॉल्ट लाइन पर स्थित नहीं है, लेकिन हिमालय से निकटता के चलते यह भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्र में स्थित है. यह वजह है कि नेपाल, उत्तराखंड और आसपास के हिमालयी क्षेत्र रिक्टर पैमाने पर 8.5 से अधिक की तीव्रता वाले विनाशकारी भूकंप के लिए अतिसंवेदनशील हैं. यही वजह है कि दिल्ली में बड़े भूकंप की संभावना रहती है. खास तौर से दिल्ली का रिज क्षेत्र बेहद संवेदनशील है. कुछ साल पहले आई एक रिपोर्ट में दिल्ली की 80 प्रतिशत इमारतों को भूकंप के लिहाज से असुरक्षित माना गया है. 

 उधर, दिल्ली के बारे में वैज्ञानिकों का कहना है कि यहां रिक्टर पैमाने पर 6 से ज्यादा तीव्रता वाला भूकंप भारी तबाही मचा सकता है. भूकंप का खतरा लगातार बना रहता है. विशेषज्ञों के अनुसार, अगर दिल्ली में बड़ा यानी 6 से अधिक की तीव्रता का भूकंप आया तो यहां घनी आबादी के चलते भारी जान माल का नुकसान हो सकता है.