Houthi Attack on Saudi Arabia: यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के 6 ठिकानों पर हमले करने का दावा किया है. हूतियों के मुताबिक, इन हमलों में तेल ठिकानों, हवाई अड्डे और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया. हूती सैन्य प्रवक्ता यह्या सारी ने बताया कि हमले बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन की मदद से किए गए. उन्होंने इसे सऊदी अरब की सैन्य कार्रवाई के जवाब में उठाया गया कदम बताया.
यह्या सारी के अनुसार, पहला हमला सऊदी अरब के रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, अरामको की ऑयल फैसिलिटी और डिस्टिलेशन टावर पर किया गया. हूतियों ने इन हमलों को सफल बताया है. दूसरा हमला पूर्वी सऊदी अरब के खुराइस में अरामको की तेल सुविधाओं पर हुआ, जबकि तीसरा हमला दवादमी इलाके में पंपिंग स्टेशन नंबर-8 को निशाना बनाकर किया गया.
इसके अलावा नजफ में नेशनल गार्ड कैंप और यमन के मारिब तथा अल-जौफ में मौजूद सैनिकों के जमावड़े पर भी हमले किए गए. हूतियों ने इन सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाने का दावा किया है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
सऊदी अरब पर 105 हमले करने का आरोप
हूती सैन्य प्रवक्ता यह्या सारी ने अलग बयान में सऊदी अरब पर पिछले 24 घंटों में 105 हवाई और मिसाइल हमले करने का आरोप लगाया. उनके मुताबिक, ये हमले सना, अल-जौफ, ताइज, अमरान, हज्जा, सादा, मारिब और लहज समेत कई इलाकों में किए गए.
उन्होंने दावा किया कि इन हमलों में खामिस मुशैत और ताइफ एयरबेस से एफ-15 और टाइफून लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया गया. वहीं, नजरान और जिजान से मिसाइलें दागी गईं. हूती प्रवक्ता का आरोप है कि इन हमलों में कई नागरिक मारे गए और घायल हुए हैं. इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.
सऊदी और हूतियों के बीच बढ़ रहा तनाव
यह्या सारी ने दावा किया कि ताजा हमलों के बाद सऊदी अरब की ओर से किए गए हमलों की कुल संख्या 4,369 हो गई है. इससे पहले सना के पास एक गांव में हुए हवाई हमले में कम से कम 25 लोगों की मौत और 30 लोगों के घायल होने की खबर सामने आई थी. एसोसिएटेड प्रेस ने यह जानकारी हूती स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से दी थी.
दूसरी तरफ, यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार की सेना ने मारिब प्रांत के उत्तरी मोर्चे पर हूती विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई करने का दावा किया है. सेना के मुताबिक, इस दौरान लड़ाकू उपकरणों को नष्ट किया गया और हूती लड़ाकों के ठिकानों को निशाना बनाया गया.
लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाई से सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमले करने और नुकसान पहुंचाने के आरोप लगा रहे हैं.