चीन के DeepSeek का इस्तेमाल किया तो 20 साल की होगी सजा! अमेरिका में बैन की तैयारी, भारत सरकार का क्या है प्लान?

अमेरिका में जल्द ही चीनी एआई चैटबॉट DeepSeek को बैन करने के लिए बिल पेश किया जाएगा.

China DeepSeek Preparations to ban chatbots in America
प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo: X

वाशिंगटनः अमेरिका में जल्द ही चीनी एआई चैटबॉट DeepSeek को बैन करने के लिए बिल पेश किया जाएगा, जिसके बाद इसका इस्तेमाल करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ अमेरिकी सीनेटर इस बिल को पेश करने पर काम कर रहे हैं, जिससे देश में DeepSeek का उपयोग अवैध हो जाएगा.

करोड़ों का लग सकता है जुर्माना

अगर यह बिल पास होता है, तो जो लोग DeepSeek का उपयोग करेंगे, उन पर 1 मिलियन डॉलर (लगभग 6.5 करोड़ रुपये) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके अलावा, उल्लंघन करने वालों को 20 साल तक की सजा हो सकती है. अगर कोई व्यवसाय DeepSeek का इस्तेमाल करता है, तो उस पर 100 मिलियन डॉलर (करीब 800 करोड़ रुपये) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.

क्यों बैन करने की तैयारी?

इस बिल को रिपब्लिकन सीनेटर जोश हॉली ने प्रस्तावित किया है, जो इस बात की चिंता कर रहे हैं कि DeepSeek अमेरिकी नागरिकों का डेटा चीनी सरकार को दे सकता है. हॉली ने DeepSeek एआई के संबंध में गोपनीयता और डेटा सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है.

अगर अमेरिका में यह बिल पास होता है, तो यह पहला देश नहीं होगा जिसने इस तरह का बैन लगाया है. DeepSeek पहले ही इटली, ताइवान, टेक्सास (अमेरिका) और ऑस्ट्रेलिया में बैन हो चुका है. भारत में, हालांकि, सरकार ने एक अलग तरीका अपनाया है. आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि DeepSeek को जल्द ही भारतीय सर्वरों पर होस्ट किया जाएगा, ताकि गोपनीयता से संबंधित कोई समस्या न हो.

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