बिहार की सत्ताधारी जनता दल युनाइटेड (JDU) के अंदरखाने से खबर है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह की छुट्टी तय है. हालांकि, अंतिम फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेना है. यह भी कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाल सकते हैं. मतलब सत्ता में आने के बाद वह पार्टी की कमान भी खुद संभाल सकते हैं. अगर नीतीश कुमार पार्टी के अध्यक्ष नहीं बनते हैं तो उनका एक और नाम भी है. ये नाम है पूर्व सीएम कर्पूरी ठाकुर के बेटे और राज्यसभा सांसद रामनाथ ठाकुर. इसकी भी एक वजह है.
वैसे, जेडीयू में चर्चा है कि नीतीश कुमार पार्टी प्रमुख का पद संभालने जा रहे हैं और ललन सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी से हटाया जाएगा. बताया जा रहा है कि ललन सिंह नीतीश कुमार की 'राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं' को लेकर इंडिया अलायंस के नेताओं के साथ ठीक से समन्वय नहीं कर रहे हैं. इसके अलावा सीएम नीतीश लालू यादव और तेजस्वी यादव से बढ़ती नजदीकियों से भी नाराज बताए जा रहे हैं.
ललन सिंह से नाराज हैं नीतीश
हालांकि, नीतीश कुमार ने INDIA गठबंधन में अपनी भूमिका (स्थिति) के बारे में कभी कुछ नहीं कहा. लेकिन JDU नेताओं ने उनकी प्रधानमंत्री पद की महत्वाकांक्षाओं को सिरे से खारिज नहीं किया. इंडिया ब्लॉक की चौथी बैठक में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने अप्रत्याशित रूप से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को संभावित पीएम चेहरे के तौर पर प्रस्तावित किया था. इसके बाद कथित तौर पर कुछ नेताओं को आश्चर्य हुआ कि क्या वह नीतीश की संभावनाओं को नष्ट करने की कोशिश कर रही हैं?
जेडीयू नेताओं को उम्मीद थी कि नीतीश कुमार को कम से कम राष्ट्रीय संयोजक का पद तो मिलेगा. इंडिया ब्लॉक में जिस तरह से चीजें नीतीश कुमार के लिए चल रही हैं उससे 'पार्टी' नाराज नजर आ रही है. जाति सर्वेक्षण और आरक्षण कोटा पर बढ़त के बावजूद, इंडिया ब्लॉक को ध्यान नहीं मिला। इसके अलावा ललन सिंह की राजद प्रमुख लालू प्रसाद और डिप्टी सीएम तेजस्वी प्रसाद यादव से बढ़ती नजदीकियों के कारण भी नीतीश को ललन सिंह को लेकर काफी चिंता सता रही है.
JDU के पास रामनाथ ठाकुर का भी विकल्प
इन सबके बीच जेडीयू के अंदरखाने से खबर आ रही है कि अगर नीतीश कुमार अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी नहीं लेते हैं तो उनके पास एक और नाम है. जो संभावित रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए आगे आ सकते हैं. ये हैं राज्यसभा सांसद रामनाथ ठाकुर. हालांकि अंतिम फैसला नीतीश का ही होगा. जेडीयू के राज्यसभा सांसद रामनाथ ठाकुर को राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद देकर पार्टी आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EBC) की आवाज को और बुलंद कर सकती है. वह समाजवादी प्रतीक और पूर्व सीएम कर्पूरी ठाकुर के बेटे हैं. जेडीयू 2024 में कर्पूरी ठाकुर का शताब्दी वर्ष भी मनाने जा रही है.
पार्टी नेताओं का मानना है कि अगर 2024 का लोकसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जाए तो हम बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं. नीतीश कुमार के करीबी ललन सिंह मुंगेर से सांसद हैं. जुलाई 2021 में जब आरसीपी सिंह को जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाया गया तो ललन सिंह को जिम्मेदारी दी गई. बीजेपी से बढ़ती नजदीकियों के कारण नीतीश ने आरसीपी को हटा दिया था.