Bhagwan Bhog: कितनी देर बाद खाना चाहिए भगवान को चढ़ाया भोग, जानें क्या है धार्मिक मान्यता?

Bhagwan Bhog: कितनी देर बाद खाना चाहिए भगवान को चढ़ाया भोग, जानें क्या है धार्मिक मान्यता?

नई दिल्ली, भारत 24 धर्म डेस्क: सनातन धर्म में पूजा-पाठ का विशेष महत्व बताया गया है. जिसमें सभी देवी-देवताओं  का नियमित रूप से पूजा करने का विधान है. पूजा करने के कई सारे नियम होते हैं लेकिन सिर्फ भगवना की पूजा और आरती करना ही काफी नहीं होता. इस के साथ भगवान को भोग (Puja Bhog) भी लगाया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगवान को भोग क्यों लगाया जाता है. इसकी के साथ लोगों के मन में ये सवाल भी आता है कि भगवान को लगाए भोग को  खाएं या ना खाएं और अगर खाएं तो किस तरह खाएं. तो चलिए जानते हैं भोग लगाने से जुड़े नियमों के बारे में... 

क्यों लगाते हैं भगवान को भोग

मान्यता है कि किसी भी मांगलिक कार्य को करने के समय भगवान को प्रसाद चढ़ाया जाता है. इसी दौरान पूजा करते समय या उपवास के दिन भी भगवान को भोग चढ़ाया जाता है. कहा जाता बै कि भगवान को हमेशा शुद्ध भोग ही लगाना चाहिए. शास्त्रों में ऐसा बताया गया है व्रत और पूजा के दौरान कोई अपवित्र चीज को ग्रहण न करें इसलिए भगवान को भोग लगाए जाने की परंपरा है. पूजा पूरी हो जाने के बाद सपरिवार ग्रहण करना चाहिए.

भगवान को लगाया भोग कब खाना चाहिए ?

- मान्यता है कि पूजा करने के बाद भगवान के पास भोग को तकरीबन 2 से 4 मिनट तक मंदिर में ही रखें.
- फिर 5 मिनट के बाद इस भोग को प्रसाद स्वरूप सभी को वितरित कर दें. 
- भोग को कभी भी सीधा जमीन पर नहीं रखना चाहिए. 
- भोग को हमेशा भगवान के समक्ष किसी बर्तन पर ही रखकर चढ़ाना चाहिए. 
-  ध्यान दें कि  भोग को भगवान के समक्ष घंटों तक ना रखें. 
- लंबे समय तक भोग को देवी-देवता के समक्ष रखना अच्छा नहीं मानते हैं. 
- भगवान के सामने हमेशा ताजा भोग ही रखें.