Iran REMUS 600 Drone: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अमेरिकी अंडरवॉटर ड्रोन को पकड़ने का दावा किया है. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने कहा कि उसकी नौसेना ने REMUS 600 नाम के एक स्वायत्त अंडरवॉटर ड्रोन को अपने कब्जे में लिया है. ईरान का आरोप है कि यह ड्रोन होर्मुज में निगरानी और जासूसी के लिए काम कर रहा था.
IRGC के मुताबिक, अब उसके विशेषज्ञ ड्रोन से डेटा निकालने की कोशिश कर रहे हैं. ईरान के इस दावे की अमेरिका की ओर से तत्काल पुष्टि नहीं हुई है. IRGC के मुताबिक, यह इसी महीने होर्मुज में पकड़ा गया दूसरा अमेरिकी अंडरवॉटर ड्रोन है. इससे पहले 8 सितंबर को ईरान ने एक दूसरे अमेरिकी अंडरवॉटर वाहन को पकड़ने का दावा किया था.
कैसे पकड़ा गया अमेरिकी अंडरवॉटर ड्रोन?
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का कहना है कि REMUS 600 को पकड़ने के लिए खुफिया निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर तकनीक का इस्तेमाल किया गया. IRGC ने इसे एक जटिल और पहले से तैयार ऑपरेशन बताया है.
ईरान के मुताबिक, यह ड्रोन होर्मुज जलडमरूमध्य में काम कर रहा था और उसका इस्तेमाल जासूसी के लिए किया जा रहा था. अब इसे IRGC के विशेषज्ञों के हवाले किया गया है, जो इसके अंदर मौजूद डेटा को हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं.
Iran’s IRGC Navy says it has seized a 2nd US large Autonomous Underwater Vehicle (AUV) in the Strait of Hormoz.
— Arya Yadegaar (@AryJeayBackup) September 27, 2026
The water drone, a Remus 600 AUV, was captured during its spy mission. Iran disabled it with electronic warfare (EW) and intelligence operations. https://t.co/WpAqGW2PVj pic.twitter.com/hiOosnmmJW
क्या है REMUS 600?
REMUS 600 कोई सामान्य रिमोट से चलने वाला ड्रोन नहीं है. यह एक ऑटोनॉमस अंडरवॉटर व्हीकल यानी ऐसा पानी के अंदर चलने वाला ड्रोन है, जिसे मिशन के हिसाब से पहले से प्रोग्राम किया जा सकता है. इसके बाद यह काफी हद तक खुद पानी के अंदर अपना रास्ता तय कर सकता है.
इसे वुड्स होल ओशनोग्राफिक इंस्टीट्यूशन (WHOI) ने विकसित किया था. इसका डिजाइन मॉड्यूलर है, यानी मिशन के हिसाब से इसमें अलग-अलग सेंसर और उपकरण लगाए जा सकते हैं. इसी वजह से इसका इस्तेमाल समुद्री सर्वे, वैज्ञानिक रिसर्च के साथ-साथ सैन्य और निगरानी अभियानों में भी किया जा सकता है.
REMUS 600 की खासियत इसकी गहराई तक जाने की क्षमता है. WHOI के मुताबिक यह 600 मीटर तक नीचे जा सकता है. इसका व्यास करीब 32.4 सेंटीमीटर और वजन लगभग 240 किलोग्राम है. इसकी मिशन क्षमता करीब 70 घंटे और रेंज 286 समुद्री मील तक बताई गई है. हालांकि, ये आंकड़े इस्तेमाल किए गए सेंसर, बैटरी और मिशन कॉन्फिगरेशन के हिसाब से बदल सकते हैं.
क्या है इसकी असली ताकत?
REMUS 600 की सबसे बड़ी ताकत इसमें लगे सेंसर और सर्वे करने की क्षमता है. इसमें सोनार जैसे उपकरण लगाए जा सकते हैं, जिनकी मदद से समुद्र की सतह के नीचे और समुद्र की तलहटी की जानकारी जुटाई जा सकती है.
इसका इस्तेमाल समुद्र के अंदर किसी वस्तु या डूबे हुए जहाज को खोजने, समुद्री तल का नक्शा बनाने और माइंस की तलाश जैसे कामों में भी किया जा सकता है. WHOI के अनुसार REMUS प्लेटफॉर्म को अलग-अलग मिशन के हिसाब से कई तरह के सेंसर के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है.
यही वजह है कि होर्मुज जैसे बेहद संवेदनशील समुद्री इलाके में ऐसे ड्रोन की मौजूदगी को लेकर ईरान ने गंभीर दावा किया है. हालांकि, REMUS 600 के इस खास मिशन का वास्तविक उद्देश्य क्या था, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है.
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