बांग्लादेश में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद देश की राजनीति में उबाल आ गया है. ढाका में सिर में गोली मारे जाने से हुई इस हत्या ने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि अंतरिम सरकार की मंशा को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं. हादी के भाई ने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के एक धड़े पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा है कि यह हत्या फरवरी में प्रस्तावित राष्ट्रीय चुनाव को रोकने की साजिश का हिस्सा है.
कौन थे शरीफ उस्मान हादी
शरीफ उस्मान हादी एक चर्चित छात्र नेता थे और इंकलाब मंच के प्रवक्ता के तौर पर सक्रिय भूमिका निभा रहे थे. इंकलाब मंच एक सांस्कृतिक संगठन है, जो पिछले साल हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान उभरकर सामने आया था. इन्हीं प्रदर्शनों के बाद लंबे समय से सत्ता में रहीं शेख हसीना को पद छोड़ना पड़ा था.
Hadi’s brother holds Yunus government responsible for Hadi's killing. Says it was done to delay the elections. pic.twitter.com/SuoATJ9OGW
— Sidhant Sibal (@sidhant) December 24, 2025
हादी की पहचान एक मुखर वक्ता और चुनाव समर्थक नेता के रूप में थी. उनके समर्थकों का कहना है कि वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को जल्द बहाल करने और समय पर चुनाव कराने की मांग लगातार कर रहे थे.
हादी की हत्या के बाद ढाका समेत कई इलाकों में हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. गुस्साई भीड़ ने कई प्रमुख समाचार पत्रों के दफ्तरों और सांस्कृतिक संगठनों के कार्यालयों को निशाना बनाया. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह हत्या केवल एक व्यक्ति को चुप कराने की कोशिश नहीं थी, बल्कि इससे बड़े राजनीतिक मकसद जुड़े हुए हैं.
भाई का आरोप: चुनाव रोकने की साजिश
शाहबाग में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हादी के भाई शरीफ उमर हादी ने अंतरिम सरकार पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा, “आपने उस्मान हादी की हत्या करवाई और अब इसी मुद्दे का इस्तेमाल करके राष्ट्रीय चुनाव को टालने की कोशिश कर रहे हैं.”
उमर का दावा है कि उनके भाई फरवरी तक चुनाव कराए जाने के पक्ष में थे और यही बात कुछ ताकतों को नागवार गुजर रही थी. उन्होंने आरोप लगाया कि हादी की हत्या पूर्व नियोजित थी और इसका मकसद देश के लोकतांत्रिक भविष्य को अनिश्चित बनाना है.
न्याय और समय पर चुनाव की मांग
उमर हादी ने मांग की कि हत्यारों के खिलाफ तुरंत मुकदमा चलाया जाए, ताकि देश में चुनावी प्रक्रिया प्रभावित न हो. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर उनके भाई को न्याय नहीं मिला, तो सत्ता में बैठे लोगों को भी एक दिन देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है.
इस बयान में उन्होंने परोक्ष रूप से शेख हसीना का जिक्र किया, जो पिछले साल के विरोध प्रदर्शनों के बाद भारत चली गई थीं.
उमर ने यह भी आरोप लगाया कि उनके भाई को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उन्होंने किसी एजेंसी या तथाकथित “विदेशी मालिकों” के सामने झुकने से इनकार कर दिया था.
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