नई दिल्ली: क्रिकेट की दुनिया में कई कहानियाँ ऐसी होती हैं जो प्रेरणा का स्रोत बन जाती हैं. लेकिन कभी-कभी किस्मत ऐसा मोड़ लेती है कि वही प्रेरणा किसी दिन आपके सामने चुनौती बनकर खड़ी हो जाती है. ऐसा ही कुछ देखने को मिला भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एडिलेड में खेले गए मुकाबले में, जब विराट कोहली जिन्हें देखकर एक बच्चा क्रिकेटर बना था, उसी क्रिकेटर के हाथों आउट हो गए.
यह कहानी है ऑस्ट्रेलिया के युवा तेज गेंदबाज जेवियर बार्टलेट की, जिन्होंने अपने ही हीरो विराट कोहली को एलबीडबल्यू आउट कर सनसनी मचा दी. खास बात यह है कि साल 2012 में बार्टलेट महज 12 साल के थे, जब उन्होंने एडिलेड में कोहली की शतकीय पारी को स्टेडियम में बैठकर देखा था. उस मैच ने उनके भीतर क्रिकेट के प्रति जुनून जगाया, और अब 13 साल बाद वही बच्चा ऑस्ट्रेलिया की जर्सी में अपने आदर्श बल्लेबाज को पवेलियन भेज रहा है.
वह पारी जिसने बदली बार्टलेट की जिंदगी
साल 2012 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एडिलेड में टेस्ट मैच खेला गया था. उस मुकाबले में रिकी पोंटिंग और माइकल क्लार्क ने दोहरे शतक लगाकर मैच को ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में कर दिया था. लेकिन टीम इंडिया की ओर से विराट कोहली ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए शतक जमाया था. उस समय भारत की युवा टीम संघर्ष कर रही थी, और विराट की यह पारी भारतीय फैंस के लिए उम्मीद की किरण बनकर आई थी.
यही वह मैच था जिसे देखने जेवियर बार्टलेट अपने परिवार के साथ एडिलेड ओवल पहुंचे थे. कोहली की तकनीक, आत्मविश्वास और जुनून ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने उसी दिन तय किया कि वह भी एक दिन क्रिकेटर बनेंगे.
घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई
तेजी से उभरते हुए बार्टलेट ने घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई और जल्द ही ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह पाई. जब भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एडिलेड में 2025 की सीरीज का मैच खेला गया, तो यह मुकाबला उनके लिए किसी सपने के पूरे होने जैसा था.
लेकिन इस बार कहानी उलट गई. विराट कोहली, जिनकी बल्लेबाजी को देखकर बार्टलेट क्रिकेटर बने थे, अब उनके शिकार बन गए. जेवियर बार्टलेट की तेज और सटीक इनस्विंग गेंद ने विराट कोहली को एलबीडबल्यू आउट कर दिया. कोहली बिना खाता खोले (डक पर) पवेलियन लौटे, और पूरा स्टेडियम उस क्षण का साक्षी बना जब एक फैन अपने आइडल को आउट कर रहा था.
कौन हैं जेवियर बार्टलेट?
जेवियर बार्टलेट का जन्म एक खेलप्रेमी परिवार में हुआ. उनके पिता साउथ ऑस्ट्रेलिया की स्टेट लीग में रूल्स फुटबॉल खिलाड़ी थे, जिससे बार्टलेट बचपन से ही खेलों के माहौल में बड़े हुए.
उन्होंने बचपन में सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, बल्कि स्विमिंग में भी हाथ आजमाया. जूनियर लेवल पर वे कई तैराकी प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं. लेकिन धीरे-धीरे उनका झुकाव क्रिकेट की ओर बढ़ता गया, और उन्होंने फुल टाइम क्रिकेट को अपना करियर बना लिया.
अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत
जेवियर बार्टलेट ने साल 2024 में ऑस्ट्रेलिया की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया. उन्होंने वनडे और टी20 दोनों फॉर्मेट में खेलना शुरू किया.
अब तक बार्टलेट ने:
उनकी गेंदबाजी की सबसे बड़ी ताकत उनकी ऊंचाई और बाउंस है. 6 फुट 5 इंच की लंबाई के कारण वे पिच से अतिरिक्त उछाल हासिल करते हैं, जिससे बल्लेबाजों को परेशानी होती है.
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