Delhi Assembly Winter Session: दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार, 5 जनवरी 2026 से शुरू होने जा रहा है. चार दिनों तक चलने वाला यह सत्र 8 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा. सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के अभिभाषण से होगी, जिसमें राजधानी की मौजूदा स्थिति, सरकार की प्राथमिकताएं और आगामी योजनाओं की रूपरेखा पेश की जाएगी.
सरकार की ओर से इस सत्र को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें दिल्ली से जुड़े कई बड़े और संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है. खासतौर पर प्रदूषण और पर्यावरण से जुड़े सवालों पर सरकार सदन में प्रस्ताव ला सकती है.
प्रदूषण और पर्यावरण पर सरकार का फोकस
शीतकालीन सत्र के दौरान दिल्ली सरकार राजधानी में बढ़ते प्रदूषण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है. वायु गुणवत्ता, पर्यावरण संरक्षण और इससे जुड़ी नीतियों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है.
माना जा रहा है कि सरकार प्रदूषण नियंत्रण को लेकर अपने कदमों और भविष्य की रणनीति को सदन के सामने रखेगी. दिल्ली में हर साल सर्दियों के दौरान प्रदूषण गंभीर मुद्दा बनता है, ऐसे में इस सत्र में इस विषय पर चर्चा को खास महत्व दिया जा रहा है.
सदन में पेश होंगी तीन अहम CAG रिपोर्ट
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार इस सत्र में तीन कैग (CAG) रिपोर्ट सदन में पेश करेगी. इन रिपोर्टों में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास, जिसे लेकर पहले भी विवाद रहा है, दिल्ली जल बोर्ड की कार्यप्रणाली और दिल्ली सरकार की यूनिवर्सिटीज से जुड़ी वित्तीय स्थिति का विवरण शामिल होगा.
इन रिपोर्टों को लेकर सदन में राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है. विपक्ष पहले से ही इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि सत्तापक्ष इन रिपोर्टों को पारदर्शिता और जवाबदेही के रूप में पेश कर सकता है.
सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां पूरी
शीतकालीन सत्र को ध्यान में रखते हुए विधानसभा परिसर में सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं. उपराज्यपाल के अभिभाषण के बाद लगभग 30 मिनट के अंतराल के बाद सदन की नियमित कार्यवाही शुरू होगी. प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया गया है कि सत्र के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो और सभी कार्यवाही सुचारु रूप से संचालित की जा सके.
सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के आसार
चार दिनों तक चलने वाले इस सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है. कैग रिपोर्ट, प्रदूषण, प्रशासनिक कामकाज और वित्तीय अनुशासन जैसे मुद्दों पर आरोप-प्रत्यारोप होने की पूरी संभावना है.
पुराना सचिवालय स्थित विधानसभा भवन एक बार फिर राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा, जहां विधायक दिल्ली की जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाएंगे. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सत्र आने वाले समय में दिल्ली की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है.
विधानसभा सचिवालय ने सत्र को बताया महत्वपूर्ण
दिल्ली विधानसभा सचिवालय की ओर से पहले जारी किए गए प्रेस नोट में कहा गया है कि यह शीतकालीन सत्र विशेष महत्व रखता है. इसमें विकास कार्यों की प्रगति, प्रशासनिक दक्षता और वित्तीय अनुशासन जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है. सरकार इस सत्र के जरिए अपनी नीतियों और फैसलों को मजबूती से रखने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाने का मौका तलाशेगा.
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