आसमान से होगी मक्खियों की बारिश! आखिर अमेरिका क्यों लॉन्च कर रहा ये अजीबो-गरीब मिशन?

अमेरिका में मांस खाने वाली एक खास प्रजाति की मक्खी, जिसे न्यू वर्ल्ड स्क्रूवर्म कहा जाता है, ने मवेशियों के लिए खतरा पैदा कर दिया है. ये मक्खियां गाय, भैंस, घोड़े और बकरियों पर अंडे देती हैं. इनके लार्वा इन जानवरों के मांस को खा जाते हैं, जिसके कारण कई बार जानवर मर जाते हैं.

why America drop millions of flies from planes Weird News
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आपने कभी सोचा है कि बारिश की बजाय आसमान से लाखों मक्खियां गिर रही हों? जी हां, ये कोई डरावना सीन नहीं, बल्कि अमेरिका सरकार का एक अनोखा और साइंट‍िफ‍िक मिशन है, जिसका लक्ष्य है मक्खियों से मक्खियों की दुश्‍मनी! ये मिशन सीधे तौर पर उस खतरनाक प्रजाति से जुड़ा है, जो मांस खाने वाली मक्खियों की वजह से मवेशियों के लिए खतरा बन चुकी हैं. इन मक्खियों के हमले से जानवरों को गंभीर घाव हो जाते हैं, और कई बार उनकी जान तक चली जाती है. तो आइए, जानते हैं इस मिशन के बारे में, जो अमेरिका के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.

मक्खी का हमला: एक डरावना सच

जब हम मक्खियों की बात करते हैं, तो आमतौर पर हमारे दिमाग में वह छोटी सी कीट आती है जो कचरे के पास भटकती रहती है. लेकिन अमेरिका में मांस खाने वाली एक खास प्रजाति की मक्खी, जिसे न्यू वर्ल्ड स्क्रूवर्म कहा जाता है, ने मवेशियों के लिए खतरा पैदा कर दिया है. ये मक्खियां गाय, भैंस, घोड़े और बकरियों पर अंडे देती हैं. इनके लार्वा इन जानवरों के मांस को खा जाते हैं, जिसके कारण कई बार जानवर मर जाते हैं. इस समस्या से हर साल अरबों डॉलर का नुकसान हो रहा है, जो अमेरिका के मवेशी उद्योग के लिए एक गंभीर संकट बन चुका है.

मक्खियों की नस्ल को खत्म करने की योजना

अब अमेरिका ने इस संकट का हल निकालने के लिए एक नया मिशन लॉन्च किया है. टेक्सास और मैक्सिको बॉर्डर के पास एक खास फैक्ट्री बनाई जा रही है, जिसकी कीमत करीब 8.5 मिलियन डॉलर है. इस फैक्ट्री में हर हफ्ते लाखों नर न्यू वर्ल्ड स्क्रूवर्म मक्खियां तैयार की जाएंगी, लेकिन इन मक्खियों में एक खास बात होगी—ये सब बांझ होंगी. इन्हें हवाई जहाज से जंगलों और खेतों में छोड़ दिया जाएगा ताकि ये मादा मक्खियों से मिलें, लेकिन प्रजनन न कर सकें. इस तरह से मक्खियों की संख्या नियंत्रित की जाएगी और उनके प्रजनन की प्रक्रिया खत्म हो जाएगी.

एक पुरानी तकनीक का पुनरावलोकन

यह तकनीक कोई नई नहीं है. 1950 के दशक में अमेरिका ने एक इनोवेटिव "स्‍टेरलाइट इनसेक्‍ट" तकनीक ईजाद की थी. इसके तहत नर मक्खियों को रेडिएशन से बांझ बना दिया जाता था, ताकि वे मादा मक्खियों से मिलकर कभी संतान न पैदा कर सकें. 1966 में इस तकनीक का उपयोग करके अमेरिका ने पहली बार पूरी तरह से इन मक्खियों की नस्ल को खत्म कर दिया था. अब जब ये मक्खियां फिर से हमले कर रही हैं, तो वही पुराना तरीका दोबारा अपनाया जा रहा है.

क्या यह मिशन सच में जरूरी है?

यह मिशन केवल अजीब ही नहीं, बल्कि बेहद जरूरी भी है. अमेरिका का मवेशी उद्योग 100 बिलियन डॉलर से भी ज्यादा का है, और अगर यह समस्या ज्यों की त्यों बनी रही, तो अरबों डॉलर का नुकसान हो सकता है. पहले पनामा में ऐसी एक फैक्ट्री बनाई गई थी, जिसने दक्षिण अमेरिका से इन मक्खियों को उत्तर की ओर फैलने से रोक लिया था. लेकिन पिछले साल से इन मक्खियों का असर फिर से बढ़ गया है. अब, अमेरिका टेक्सास के Moore Air Base से इस मिशन को शुरू करने जा रहा है, ताकि मवेशियों को इस खतरनाक मक्खी के हमलों से बचाया जा सके.

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